अंबाला। जिला आयुर्वेदिक अधिकारी अम्बाला डॉ. शशिकांत शर्मा के कुशल दिशा-निर्देशन में आयुष्मान आरोग्य मंदिर, बाड़ा में एक स्वास्थ्य जागरूकता एवं योग शिविर का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सब-सेंटर बाड़ा के प्रांगण में संपन्न हुआ, जिसमें क्षेत्र की लगभग 25 महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिविर में आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. समिधा शर्मा द्वारा महिलाओं को योगाभ्यास करवाया गया तथा सर्दी के मौसम में नियमित व्यायाम एवं योग के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी गई। डॉ. समिधा शर्मा ने बताया कि शीत ऋतु में वातावरण का तापमान कम होने के कारण शरीर की रक्तवाहिनियाँ संकुचित हो जाती हैं, जिससे रक्त संचार में परिवर्तन आता है और कई लोगों में रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे में यदि शारीरिक गतिविधि कम हो जाए तो यह समस्या और अधिक गंभीर रूप ले सकती है। उन्होंने बताया कि सर्दियों में हल्का-फुल्का लेकिन नियमित व्यायाम, प्राणायाम और योगासन अपनाने से रक्त संचार सुचारु रहता है, शरीर में ऊष्मा बनी रहती है तथा हृदय और रक्तचाप से जुड़ी समस्याओं से बचाव किया जा सकता है। शिविर के दौरान महिलाओं को ताड़ासन, भुजंगासन, वज्रासन, पवनमुक्तासन, अनुलोम-विलोम एवं भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास करवाया गया, जिन्हें वे घर पर भी आसानी से कर सकती हैं। डॉ. समिधा शर्मा ने आयुर्वेद के दृष्टिकोण से दिनचर्या और ऋतुचर्या के पालन पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सर्दी के मौसम में गरम, सुपाच्य एवं पौष्टिक आहार, पर्याप्त जल सेवन, समय पर सोना-जागना और नियमित अभ्यंग (तेल मालिश) शरीर को स्वस्थ रखने में सहायक होता है। विशेष रूप से महिलाओं को अपनी दिनचर्या में योग को शामिल करने से तनाव, थकान और जोड़ों के दर्द जैसी समस्याओं में भी लाभ मिलता है। शिविर के अंत में उपस्थित महिलाओं ने इस प्रकार के स्वास्थ्य कार्यक्रमों की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे योग एवं जागरूकता शिविर आयोजित करने की मांग की। जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. शशिकांत शर्मा ने आयुष विभाग द्वारा जन-स्वास्थ्य के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए सभी को आयुर्वेद एवं योग को दैनिक जीवन में अपनाने का संदेश दिया।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर बाड़ा में स्वास्थ्य जागरूकता एवं योग शिविर का आयोजन



