अंबाला। प्राथमिक चिकित्सा केन्द्र बोह एवं उपस्वास्थ्य केंद्र कलरहड़ी में डॉ. प्रियंका सक्सैना (नोडल अधिकारी) की अध्यक्षता में राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत 84 पीयर एजुकेटर एवं 20 आशा वर्करों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में एडोलसेंट काउंसलर शालिनी वालिया ने बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों में परीक्षा के डर के कारण उनके व्यवहार में आने वाले बदलावों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि विद्यार्थियों में फेल होने का डर, साथियों से कम अंक आने का डर तथा याद किया हुआ भूल जाने का डर जैसी समस्याएँ सामान्य रूप से देखने को मिलती हैं। इस अवसर पर किशोर स्वास्थ्य सलाहकार शालिनी वालिया ने किशोर-किशोरियों को सलाह दी कि वे संतुलित आहार लें, पर्याप्त नींद लें, दूसरों से अपनी तुलना न करें तथा पढ़ाई के लिए एक निश्चित समय निर्धारित करें। उन्होंने यह भी कहा कि हर समय पढ़ने की आवश्यकता नहीं होती और विद्यार्थियों को मोबाइल फोन से दूरी बनाए रखनी चाहिए। साथ ही उन्होंने नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी देते हुए किशोर-किशोरियों को नशे से दूर रहने की सलाह दी। एएनएम रितु , सपना ,आंचल एवं रमेश ने किशोर-किशोरियों में होने वाले शारीरिक परिवर्तनों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बैठक के दौरान 84 पीयर एजुकेटर को अप्रैल 2025 से दिसंबर 2025 तक का प्रोत्साहन (इनसेंटिव) प्रदान किया गया, जिससे उन्हें आगे भी सक्रिय रूप से कार्य करने के लिए प्रेरणा मिल सके। अंत में एएनएम रितु , सपना, आंचल एवं रमेश ने सभी को एचपीवी वैक्सीन के लाभों के बारे में भी अवगत कराया।