अंबाला। जिला आयुर्वेद अधिकारी अंबाला, डॉ. शशिकांत शर्मा के दिशानिर्देशन में आज आयुष्मान आरोग्य मंदिर, बाड़ा अंबाला में होली उत्सव का उत्साहपूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन डॉ. समिधा शर्मा, एम.डी. (आयुर्वेद), इंचार्ज आयुष्मान आरोग्य मंदिर, बाड़ा अंबाला द्वारा किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल होली का उत्सव मनाना ही नहीं, बल्कि लोगों को आयुर्वेदिक दृष्टिकोण से स्वास्थ्य एवं ऋतुचर्या के प्रति जागरूक करना भी था। कार्यक्रम के दौरान डॉ. समिधा शर्मा ने उपस्थित ग्रामवासियों को होली पर्व के सांस्कृतिक, सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह ऋतु परिवर्तन का संकेत भी है, जिसमें शीत ऋतु से वसंत एवं ग्रीष्म की ओर संक्रमण होता है। इस समय शरीर में कफ दोष की वृद्धि होती है, इसलिए खान-पान और दिनचर्या में विशेष सावधानी आवश्यक होती है। उन्होंने प्राकृतिक एवं सुरक्षित रंगों के उपयोग पर जोर देते हुए बताया कि फल एवं सब्जियों से बने प्राकृतिक रंग शरीर के लिए लाभकारी होते हैं और त्वचा पर किसी प्रकार का दुष्प्रभाव नहीं डालते। इसके साथ ही मौसमानुसार आहार जैसे हल्का, सुपाच्य एवं कफ कम करने वाला भोजन लेने की सलाह दी गई। उन्होंने तली-भुनी एवं अत्यधिक मीठी वस्तुओं से परहेज तथा व्यायाम एवं योग को दिनचर्या में शामिल करने की आवश्यकता पर भी बल दिया। इस अवसर पर नसीब (डिस्पेंसर), सोनिया शर्मा (योग प्रशिक्षक), दपिंदर कौर (योग सहायक) तथा सनी (पार्ट-टाइम कर्मचारी) ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सक्रिय सहयोग दिया। डॉ. समिधा शर्मा की पुत्री मिस शाइन शर्मा सहित ग्राम की अनेक महिलाओं — सुखविंदर, रजनी, रानी, गुलजारो, दिव्या आदि — ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने प्राकृतिक रंगों के साथ हर्षोल्लास से होली मनाई तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। इस आयोजन ने ग्रामवासियों में आयुर्वेद के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ सामुदायिक एकता एवं सकारात्मक ऊर्जा का संदेश भी दिया। इस प्रकार आयुष्मान आरोग्य मंदिर, बाड़ा अंबाला में आयोजित होली उत्सव स्वास्थ्य, परंपरा और सामाजिक सहभागिता का सुंदर उदाहरण बनकर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।