अंबाला। सनातन धर्म कॉलेज, अंबाला कैंट की संस्थागत नवाचार परिषद एवं उद्यमिता विकास प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए उभरते आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्सह्व विषय पर एक आॅनलाइन कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीकों से अवगत कराना था, जो वर्तमान समय में शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इस आॅनलाइन कार्यशाला में विभिन्न संकायों के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों सहित कुल 118 प्रतिभागियों ने सक्रिय एवं उत्साहपूर्ण सहभागिता की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देना, शैक्षणिक कार्यों की गुणवत्ता में सुधार करना तथा एआई आधारित टूल्स के माध्यम से नवाचारी शिक्षण पद्धतियों को प्रोत्साहित करना रहा। कार्यक्रम के संसाधन व्यक्ति डॉ. दीपक कुमार ने अपने ज्ञानवर्धक व्याख्यान में वर्तमान युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि एआई आज शिक्षा, शोध, नवाचार एवं व्यावसायिक विकास का अभिन्न अंग बन चुका है और शैक्षणिक उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए इसका सही उपयोग अत्यंत आवश्यक है। डॉ. दीपक कुमार ने विभिन्न उभरते हुए एआई टूल्स का परिचय देते हुए उनका व्यावहारिक प्रदर्शन भी किया। उन्होंने अध्ययन सामग्री को व्यवस्थित करने, कंटेंट निर्माण एवं शोध कार्यों में सहायक एआई टूल्स, रचनात्मक एवं विश्लेषणात्मक तकनीकों तथा शोध पत्रों व पीडीएफ दस्तावेजों के विश्लेषण से संबंधित उपयोगी जानकारियाँ साझा कीं। उन्होंने एआई के नैतिक एवं जिम्मेदार उपयोग पर विशेष बल देते हुए कहा कि इन टूल्स का प्रयोग सहायक साधन के रूप में किया जाना चाहिए, न कि मौलिक सोच एवं रचनात्मकता के विकल्प के रूप में। कार्यक्रम के संयोजक (आईआईसी) डॉ. प्रेम सिंह, संयोजक (ईडीसी) डॉ. आरती तथा समन्वयक डॉ. छवि किरण रहीं। इस अवसर पर कार्यवाहक प्राचार्या डॉ. अलका शर्मा ने अपने संदेश में कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को नवीन तकनीकों से जोड़ने में सहायक सिद्ध होते हैं तथा शैक्षणिक गुणवत्ता को सुदृढ़ बनाते हैं। वहीं आईआईसी के संयोजक डॉ. प्रेम सिंह ने कहा कि संस्थान नवाचार, उद्यमिता एवं डिजिटल दक्षता को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है और भविष्य में भी ऐसे उपयोगी कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे। कार्यशाला में डॉ. मोहित बिंदलिश, डॉ. कवलीन, डॉ. रेनू शर्मा, डॉ. पूजा, सुश्री भाविशा एवं श्री अंकुश अरोड़ा सहित अनेक शिक्षकगणों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का समापन प्रश्नझ्रउत्तर सत्र के साथ हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने अपने प्रश्न रखे और अपने अनुभव सांझा किए। कुल मिलाकर यह कार्यशाला अत्यंत सफल, उपयोगी एवं प्रेरणादायक रही। सनातन धर्म कॉलेज, अंबाला कैंट की संस्थागत नवाचार परिषद एवं उद्यमिता विकास प्रकोष्ठ ने भविष्य में भी इस प्रकार के ज्ञानवर्धक कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।