हरियाणा के सबसे धनाढ्य विधायक मनमोहन भड़ाना के अपने विधान सभा क्षेत्र समालखा मे पानी निकासी की व्यवस्था नही है। जिससे हल्की सी बारिश मे शहर की गलिया व सडके ही नही बल्कि जीटी रोड की सर्विस लेन भी पानी मे डूब जाती है। बरसात से पहले नालो की सफाई करने के प्रदेश सरकार के आदेश तथा हल्का विधायक मनमोहन भड़ाना के लाख कोशिश के बावजूद न तो एनएचएआई ओर न ही नगर परिषद के अधिकारी शहर मे पानी निकासी की व्यवस्था नही कर पाए जिसका खामियाजा शहर वासियो को भुगताना पड रहा है। बुधवार को हुई बारिश से एकबार फिर शहर की सडको व गलियो मे जलभराव हो गया शहर की सडको व सर्विस लेन पर हुए जलभराव ने एनएचएआई और नगर पालिका की पोल खोल दी।
उल्लेखनीय है कि समालखा मे पिछले दो दिनो मे जमकर बारिश हुई है। बरसात के बाद नेशनल हाईवे और सर्विस लाइन की सडक पानी मे डूब गई, जिससे हाईवे पर गुजरने वाले वाहनों पर ब्रेक लगे वहीं सर्विस लाइन पर कई बाइक सवार गिरते गिरते बचे। सड़क पर खड़े पानी के चलते दो पहिया वाहन चालकों को अच्छी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जलभराव के कारण सर्विस लेन बंद होने से यहा आए दिन हादसे हो रहे है,लेकिन एनएचएआई की नींद नही टूट रही है।
इसी तरह बरसात के बाद शहर के पुराना थाना रोड, गुलाटी रोड, पुरानी गुड मंडी,वाल्मीकि बस्ती,ब्लूजे रोड सहित अन्य सड़को व गलियो पर पानी निकासी के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण घंटों बरसात का पानी खड़ा रहा। जलभराव से नालो से गंदगी निकल कर सडको पर बहती नजर आई। सडको पर वाहन चालकों का निकलना दूभर हो जाता है। शहरवासियों को बरसात के खड़े गंदे पानी से होकर पैदल निकलना पड़ रहा है। यहाँ तक की स्कूली बच्चे गलियों में खड़े बरसात के पानी से होकर अपने अपने घर गए।

वार्डो में नाली बंद है जिसके चलते खड़ा रहता पानी
जानकारी के अनुसार करीब ढाई साल पहले समालखा के वार्डो में नालियों को बंद कर पानी निकासी के लिए पाइप डाली गई थी। लोगों की लापरवाही के चलते अधिकतर पाइप जाम पड़ी हुई है। पाइप जाम होने से गलियों में घंटो बरसात का पानी खड़ा रहा। जिससे शहर वासियो मे रोष पनप रहा है।आरटीआई कार्यकर्ता रोहित लाहोट ने बताया कि समाज सेवा समिति से लेकर शमशान घाट तक नाला के उपर नगरपालिका ने अपने कार्यकाल में परमानेंट आरसीसी स्लैब बना रखी है। जिसकी वजह से नाले की सफाई हुए लगभग एक वर्ष बीत चुका है। स्लैब के नीचे काफी मात्रा में कूड़ा करकट ईट पत्थर जमा हो गया है। जिसके कारण पानी की निकासी नहीं हो पा रही है और पुरे शहर को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। अगर जल्द से जल्द नाले की स्लैब को हटाकर इसकी सफाई नहीं कराई गई तो समालखा की जनता को और बुरे परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना होगा।

—-वर्जन—
इस संदर्भ मे नगर परिषद सचिव मनीष शर्मा का दावा है कि मानसून आने से पहले शहर के नालों की साफ सफाई कराई गई थी। मगर बरसात ज्यादा होने से समस्या उत्पन्न हुई है।
