महिला एवं बाल विकास विभाग फतेहाबाद द्वारा जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के उद्देश्य से 100 दिवसीय विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत बुधवार को महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी रेखा अग्रवाल ने अपनी सहयोगी कांस्टेबल सरोज, थाना प्रभारी सदर और शहर के साथ रतिया में जागरूकता गतिविधियां संचालित कीं।
अभियान के दौरान थाना के सहयोग से रतिया एरिया के गुरुद्वारों के ग्रंथी, पंडित, पैलेस के प्रबंधक, धर्मशाला के संचालक, कैटरिंग वाले, डीजे साउंड वाले एवं फोटोग्राफरों को बाल विवाह निषेध अधिनियम की विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें निर्देश दिए गए कि आगामी विवाह आयोजनों से पूर्व दूल्हा व दुल्हन की आयु से संबंधित दस्तावेजों की पूरी जांच करें तथा जन्म प्रमाण पत्र या स्कूल प्रमाण पत्र के आधार पर ही आयु सत्यापित करें, केवल आधार कार्ड के आधार पर आयु न मानें। साथ ही दस्तावेजों की एक-एक प्रतिलिपि अपने रिकॉर्ड में सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए गए। आदेशों की अवहेलना करने पर कानून के अनुसार कार्रवाई किए जाने की जानकारी भी दी गई।
महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी रेखा अग्रवाल ने बताया कि यदि किसी विवाह में आयु कम पाई जाती है तो इसकी सूचना तुरंत 112, 181 या 1098 पर दी जा सकती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बाल विवाह में किसी भी प्रकार की भूमिका निभाने वाले व्यक्ति के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। इस अवसर पर सभी को बाल विवाह मुक्त भारत पोर्टल की जानकारी भी दी गई। बाल विवाह के दुष्प्रभावों को विस्तार से समझाया गया, ताकि जिले को पूर्ण रूप से बाल विवाह मुक्त बनाया जा सके।