बेहतर उत्पादन के लिए नवीनतम तकनीकी उपायों से किसानों को  कराया अवगत

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग(पंचकूला) हरियाणा के  संयुक्त निदेशक डॉ देवेंदर सिहाग ने कृषि  विज्ञान केंद्र उझा  का शुक्रवार को दौरा किया, जहां उन्होंने केवीके के वैज्ञानिकों, कृषि विभाग, पानीपत  के अधिकारियों और प्रगतिशील किसानों के साथ रबी फसल 2025-26 की त
तैयारियों को लेकर गंभीरता पूर्वक चर्चा की और रबी फसल में विशेष रूप से दलहनी और तिलहनी  फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर दिया ।
उन्होंने किसानों को इन फसलों के बेहतर उत्पादन के लिए नवीनतम तकनीकी उपायों से अवगत कराया।
उन्होंने फसल अवशेष प्रबंधन की अहमियत पर भी प्रकाश डाला और किसानों से अपील की कि वे फसल अवशेषों को जलाने की बजाय उनका सही तरीके से प्रबंधन करें ताकि पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ आत्मा राम गोदारा ने प्राकृतिक कृषि मिशन के तहत रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के उपयोग में कमी लाने के लिए किसानों को प्रेरित किया।उन्होंने डीएपी (डायमोनियम फॉस्फेट) के वैकल्पिक उपायों पर भी चर्चा की, ताकि किसानों को ज्यादा प्रभावी और पर्यावरणीय दृष्टिकोण से सुरक्षित उर्वरकों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।
उर्वरकों के विवेकपूर्ण उपयोग पर बल देते हुए उन्होंने बताया कि इसका सही तरीके से इस्तेमाल न केवल भूमि की सेहत को बनाए रखेगा, बल्कि किसानों की लागत को भी कम करेगा।
बैठक में कृषक समुदाय के साथ समन्वय बढ़ाने, नई कृषि तकनीकों का प्रचार-प्रसार करने और कृषि क्षेत्र में सतत सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया।