डीसी अजय सिंह तोमर ने सोमवार को  सुबह से हो रही बारिश  के दृष्टिगत नगर निगम, जनस्वास्थ्य विभाग, सिंचाई विभाग, एनएचएआई के साथ-साथ संबंधित अधिकारियों के साथ घग्गर ड्रैन, अंबाला ड्रैन के जलस्तर के साथ-साथ बरसाती पानी की निकासी के लिए जो कार्य किए जा रहे है, उनकी वास्तविकता देखी। इस मौके पर उनके साथ नगर निगम कमिश्नर विरेन्द्र लाठर, एसडीएम अंबाला शहर दर्शन कुमार, अतिरिक्त नगर निगम आयुक्त दीपक सूरा, विधानसभा संयोजक रितेश गोयल व अन्य मौजूद रहें। उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने बताया कि मौसम विभाग के अनुसार दो दिन लगातार बारिश होने के अलर्ट जारी किए गए हैं। आज सुबह से भी  अम्बाला में तेज बारिश हो रही है। इसके मद्देनजर अम्बाला शहर के विभिन्न स्थानों का दौरा किया गया हैं। घग्गर ड्रैन व अम्बाला ड्रैन का भी दौरा करते हुए जल स्तर देखा गया हैं, अभी जो जल स्तर जो है वह खतरे के निशान से नीचे हैं। इसके साथ-साथ अम्बाला की अन्य ड्रेनों का भी जायजा लिया गया है, बरसाती पानी का सुचारू रूप से प्रवाह हो रहा हैं। शहर के अन्दर कपड़ा मार्किट व नदी मोहल्ले में थोड़ा जलभराव है, इसके लिए नगर निगम व जनस्वास्थ्य विभाग के पम्पों के माध्यम से पानी निकासी का कार्य किया जा रहा है। सभी जगहों पर पम्प पूरी क्षमता के साथ क्रियान्वित है और बरसाती पानी का डिस्पोज आॅफ हो रहा हैं। बारिश रूकते ही जहां पर भी थोड़ा बहुत जल भराव है उसे वहां से पम्पों के माध्यम से निकाल दिया जाएगा। एहतियात के तौर पर नगर निगम, नगर परिषद्, सिंचाई विभाग, जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की छुट्टियां रद्द की गई है तथा उन्हें स्टेशन मैन्टेन करने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं। सभी संबंधित विभाग फील्ड में रहेगें तथा हर गतिविधि पर नजर रखते हुए कार्य करेंगे, पब्लिक को परेशानी नहीं आने दी जाएगी।


डीसी ने बनुड़ी नाके का जायजा लेते हुए वहां पर पम्पों के माध्यम से जो बरसाती पानी का डिस्पोज आॅफ हो रहा था, उसको चैक किया
डीसी अजय सिंह तोमर ने सोमवार को बारिश के दौरान संबंधित अधिकारियों के साथ सबसे पहले बनुड़ी नाके का जायजा लिया, वहां पर पम्पों के माध्यम से जो बरसाती पानी का डिस्पोज आॅफ हो रहा था, उसको चैक किया और यहां पर डीजल की व्यवस्था के साथ अन्य व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चले इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके उपरांत उन्होंने घग्गर ड्रैन पर दोनों तरफ से जल स्तर को देखा और सिंचाई विभाग के अधिकारियों से जानकारी ली कि यहां का पानी के खतरे के निशान कितना है और उन्होनें बताया कि खतरे का निशान 20 हजार क्यूसिक है, लेकिन अभी फिलहाल पानी का प्रवाह खतरे के निशान से नीचे है। इसी प्रकार उन्होंने अम्बाला ड्रैन व शम्भू बॉर्डर के नजदीक सिंचाई विभाग द्वारा जो बरसाती पानी को रोक ने के लिए जो गेट लगाया गया है, उसको भी चैक किया। इसके अलावा उन्होनें जनस्वास्थ्य विभाग के सैक्टर-9 व 10 के बीच स्थापित टीपीएस, नूरपुर में स्ट्रॉम वॉटर डिस्पोजल के साथ-साथ इन्को के नजदीक भी पानी निकासी के लिए जो कार्य किए जा रहे थे, उसका जायजा लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बरसाती पानी की निकासी के लिए जो भी मशीनी जैसे पम्प या अन्य व्यवस्थाएं वे सभी दुरूस्त होनी चाहिए:डीसी
डीसी ने निरीक्षण के दौरान सभी संबंधित अधिकारियों को यह भी कहा कि उनके विभाग से संबंधित बरसाती पानी की निकासी के लिए जो भी मशीनी जैसे पम्प या अन्य व्यवस्थाएं वे सभी दुरूस्त होनी चाहिए, ताकि यदि कोई भी स्थिति उत्पन्न होती है तो तुरन्त समय रहते कार्य किया जा सकें। सभी सम्बधिंत विभाग की टीमें फील्ड में रहे और हर गतिविधि पर नजर रखते हुए कार्य करना सुनिश्चित करें।
इस मौके पर एसीयूटी राहुल कनवरिया, एसडीएम दर्शन कुमार, डीआरओ राजेश खयालिया, कार्यकारी अभियंता कृष्ण भुक्कल, कार्यकारी अभियंता संदीप कुमार, कार्यकारी अभियंता रितेश अग्रवाल, एनएचएआई से पुलकित, जनस्वास्थ्य विभाग से एसडीओ हरमिलाप, सिंचाई विभाग, रेलवे विभाग के साथ-साथ अन्य संबंधित विभाग से अधिकारीगण मौजूद रहें।