भारत की मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता सतीश सेठी ने कहा कि आज प्राकृतिक आपदा से हरियाणा, जम्मु कश्मीर, पंजाब, हिमाचल, उत्तराखण्ड, दिल्ली व राजस्थान प्रदेश गंभीर संकट से गुजर रहे है। इन हालात में देश के प्रधानमंत्री ने अभी तक पीड़ितों की मदद के लिए किसी राहत पैकज का एलान नहीं किया। इस पर देशप्रेमियों ने भाईचारे की मिसाल को कायम रखते हुए पीड़ितों की मदद के लिए खुद आगे आकर मोर्चा संभाल लिया। हिंदू मुस्लिम सिख इसाई सभी ने मिलकर यह फिर से साबित कर दिया कि इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म है। माकपा जनता के इस भाईचारे को सलाम करती है। सेठी ने कहा कि उत्तर भारत में भारी बरसात, बाढ़, भूसलखन व बादल फटने की प्राकृतिक आपदाओ में भारी जान व माल का नुकसान हुआ है। लाखों एकड़ फसल बर्बाद हो गई। सेकड़ो इंसानों की जंहा मौत हुई वंही पशुधन भी खत्म हो गया। अनेको घर ढह गए है। घरों में पानी भरने से उनमे दरारे पड़ गई और उनमें रखा सामान बर्बाद हो गया। इसके चलते लाखों लोग बेघर होकर शिविरो में रहने को मजबूर है। दुकानदारों व व्यापारियों को भी मार पड़ी है। फसले बर्बाद होने के कारण खेत मजदूरों का रोजगार बिल्कुल ही खत्म हो गया है। इसके इलावा भी हर दिन कमाकर खाने वाले परिवारों को दो वक़्त की रोटी तक के लाले पड़े हुए है। शहरों व गाँवो से पानी की निकासी नहीं हो रही। इस कारण कई जगह जन सम्पर्क कट गया है। ऊपर से मौसम विभाग का भारी बरसात का अलर्ट अभी भी जारी है। इन हालात में केंद्र की मोदी सरकार द्वारा अभी तक इस त्रासदी को राष्ट्रीय आपदा घोषित न करना बड़ा ही दुखदाई है। ऊपर से प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा केंद्र से मदद के लिए विशेष सहायता की मांग न करना और भी शर्मनाक है। हालात तो यंहा तक आ पहुँचे है कि डबल इंजन की सरकार के मुखियो ने अभी तक पीड़ितों के दु:ख दर्द को जानने के लिए निजी सम्पर्क करना तो दूर नुकसान तक का जायजा लेने के लिए कोई दौरा नहीं किया है। जबकि दोनों माननीयों के पास देश व प्रदेश की जनता के खून पसीने की कमाई से खरीदे गए करोड़ो रुपए के जहाज व हेलीकोपटर है। इसलिए मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी सरकार से मांग करती है कि इस प्राकृतिक त्रासदी को फौरन राष्ट्रीय आपदा घोषित कर हर पीड़ित के नुकसान की पूरी भरपाई करे और मृतक के आश्रितों को विशेष सहायता दी जाए। इसके इलावा जिन दिहाड़ीदार मजदूरों का रोजगार खत्म हो गया है उन सभी को भी आर्थिक मदद दी जाए।
प्राकृतिक त्रासदी को केंद्र सरकार राष्ट्रीय आपदा घोषित करे : माकपा
