नारायणगढ़। भारत की मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के जिला सचिव कामरेड सतीश सेठी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि ईरान पर अमेरिका-इजराइल के आक्रमण ने ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं को अस्थिर कर दिया है। इस युद्ध से पैदा हुए रसोई गैस के संकट पर केंद्र व प्रदेश सरकार के लम्बे चोड़े दावों के बावजूद, रिपोर्टें संकेत देती हैं कि लोग गैस की कमी के कारण काफी परेशान हैं। एक तो केंद्र सरकार ने कुछ दिन पहले खाना पकाने वाले गैस सिलेंडरों की कीमतें बढ़ा दी थी दूसरे अब लोगों को गैस की गंभीर कमी का भी सामना करना पड़ रहा है। जहाँ एक ओर लोग खाली सिलेंडर के लिए पंजीकरण करवाने और लंबी कतारों में इंतजार करने को मजबूर हैं, वहीं दूसरी ओर कालाबाजारी करने वालों की चाँदी हो रही है। इसलिए सरकार को कालाबाजारी पर अंकुश लगाने और वास्तव में जरूरतमंद सभी व्यक्तियों को गैस सिलेंडर उपलब्ध करवाने के लिए तत्काल उपाय करने चाहिएं। सेठी ने कहा कि खाना पकाने वाली गैस की कमी के कारण जिला में मुलाना स्थित डीम्मड यूनिवर्सिटी को 13 मार्च से आगामी आदेशों तक बंद कर आन लाइन स्टडी का नोटिस जारी किया गया है। इसके कारण मैस व छात्रावास बंद कर दिए गए हैं। छात्रों से अपने घरों को लौटने के लिए कहा गया है। इससे छात्रों के स्वास्थ्य और शिक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इसलिए सरकार को छात्रावासों की मैस में गैस सिलेंडरों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिएं। माकपा नेता ने कहा कि खाना पकाने वाली गैस की कमी का असर कई रेस्टोरेंट पर भी पड़ा है। इस कारण होम डिलवरी के काम में लगे लोगों के रोजगार पर भी संकट आन पड़ा है। रेहड़ी व फुटपाथ पर चाय व रोटी बना कर बेचने वाले गरीब लोगों का काम बंद हो गया है। ऊपर से खाना पकाने के दूसरे साधनों, जैसे इंडक्शन स्टोव और बिजली से चलने वाले कुकर यहाँ तक कि जलाने वाली लकड़ी की कीमते भी बढ़ गई है। बिजली के रेट पहले ही बहुत ज्यादा है। यही नहीं खाने के तेल की कीमतें भी बढ़ने की सूचनाएं मिल रही हैं। इस प्रकार कुल मिलाकर, अमेरिका और इजराइल द्वारा शुरू किए गए युद्ध का हमारे देश के लोगों के जीवन पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है। समाज का गरीब तबका जंहा भुखमरी की और बढ़ रहा है वंही मध्यम वर्ग बढ़ती कीमतों के बोझ तले दब गया है। छात्रों की पढ़ाई बाधित है और रोजगार के अवसर खत्म हो रहें है। इसलिए मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी मांग करती है कि सरकार को ऊर्जा संसाधनों की बिना किसी रूकावट के सप्लाई सुनिश्चित करनी चाहिए। इसके साथ ही अमरीका व इजराईल को युद्ध को रोकने के लिए भी कहना चाहिए।