समालखा नई अनाज मंडी स्थित जैन स्तानक मे आयोजित धर्म सभा मे प्रवचन करते उपेन्द्र मुनि ने अविवेकी व्यक्ति को अंधे के समान बताया। उन्होंने कहा कि जो बिना सोचे-समझे या बिना विवेक के काम करता है वह अंधे जैसा है,क्योकि अंधा व्यक्ति मार्गदर्शन के बिना अंधों का अनुसरण करता...



















