जींद। हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेश के शहरों और कस्बों में योजनाबद्ध विकास को गति देने के लिए अब भूमि खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बना दिया गया है। इसी कड़ी में ई भूमि पोर्टल के माध्यम से भूमि खरीदने तथा अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
संपदा अधिकारी सत्यवान सिंह मान ने बताया कि इस प्रक्रिया के तहत इच्छुक भूमालिकों तथा एग्रीगेटरों को अपनी भूमि का पूरा विवरण ई भूमि पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। इसके लिए सरकार द्वारा प्रथम चरण में 30 अप्रैल तक का समय निर्धारित किया गया है। इस अवधि के दौरान भूमि मालिक अपनी जमीन से संबंधित जानकारी, दस्तावेज और आवश्यक विवरण पोर्टल पर दर्ज कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि नरवाना क्षेत्र में भी इस योजना के तहत बड़े स्तर पर विकास की योजना तैयार की गई है। इसके तहत रेवेन्यू एस्टेट डूमरखां कलां, मोहल खेड़ा तथा नरवाना शहर के विभिन्न हिस्सों में नए सेक्टर विकसित किए जाने का प्रस्ताव है। इन क्षेत्रों में सेक्टर 1, 2, 4, 5, 10, 14, 15, 17, 18 और 19 के विकास के लिए लगभग 2067 एकड़ भूमि खरीदे जाने की योजना बनाई गई है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित सेक्टरों के विकसित होने से नरवाना क्षेत्र में योजनाबद्ध शहरी विकास को नई दिशा मिलेगी। इससे क्षेत्र में आवासीय कॉलोनियां, व्यावसायिक प्रतिष्ठान तथा संस्थागत ढांचे विकसित होंगे। जिससे स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। संपदा अधिकारी ने यह जानकारी आज पंचायत भवन डूमरखां कलां में आयोजित विशेष कैंप के दौरान दी। इस अवसर पर उन्होंने भूमि मालिकों को ई भूमि पोर्टल की पूरी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी और उन्हें पोर्टल पर पंजीकरण तथा भूमि विवरण अपलोड करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि भूमि मालिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एचएसवीपी द्वारा विभिन्न स्थानों पर विशेष कैंप आयोजित किए जा रहे हैं। इन कैंपों में विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहेंगे, जो भूमि मालिकों को पंजीकरण, दस्तावेज अपलोड करने तथा पोर्टल से संबंधित तकनीकी जानकारी प्रदान करेंगे। संपदा अधिकारी सत्यवान सिंह मान ने भूमि मालिकों से अपील करते हुए कहा कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर कैंप में पहुंच कर या स्वयं ऑनलाइन माध्यम से अपनी भूमि का विवरण ई भूमि पोर्टल पर अवश्य अपलोड करें। इससे प्रस्तावित विकास योजनाओं को समय पर लागू करने में मदद मिलेगी और नरवाना क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।