जाखल :- जिला पुलिस द्वारा साइबर अपराधों से बचाव, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग तथा नशा मुक्ति को लेकर स्कूली बच्चों को लगातार जागरूक किया जा रहा है।
इसी क्रम में मंगलवार को फतेहाबाद थाना साइबर सेल में तैनात महिला सहायक सुनीता के कुशल नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा जाखल, शकरपुरा व फतेहाबाद में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिसमें स्कूली बच्चों को साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं और उनसे बचाव के उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
इस अवसर पर बच्चों को बताया गया कि किस प्रकार फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड, सोशल मीडिया हैकिंग, फेक लिंक और ऑनलाइन ठगी के माध्यम से साइबर अपराधी लोगों को निशाना बना रहे हैं। पुलिस टीम द्वारा बच्चों को प्रेरित करते हुए बताया गया कि किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या लिंक पर भरोसा न करें और अपनी निजी जानकारी, बैंक डिटेल या ओटीपी किसी के साथ साझा न करें।
इस दौरान डिजिटल अरेस्ट जैसे नए साइबर फ्रॉड तरीकों के बारे में भी विस्तार से प्रकाश डाला गया। जिसमें बताया गया कि ठग स्वयं को पुलिस या सरकारी अधिकारी बताकर वीडियो कॉल के माध्यम से डराने-धमकाने की कोशिश करते हैं। बच्चों को स्पष्ट किया गया कि इस प्रकार का कोई भी कॉल आने पर घबराने की आवश्यकता नहीं है। यदि ऐसी कोई कॉल आएं तो तत्काल साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाना से संपर्क करने का सुझाव दिया गया।
इसके साथ ही पुलिस टीम द्वारा युवाओं और आमजन को नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और सकारात्मक सामाजिक गतिविधियों से जुड़ने के लिए भी प्रेरित किया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों को बताया गया कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि परिवार और समाज के लिए भी गंभीर समस्या बनता है।
महिला सहायक उपनिरीक्षक सुनीता ने कहा कि साइबर थाना फतेहाबाद आमजन की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर है। किसी भी साइबर अपराध की सूचना तुरंत पुलिस को देने से समय रहते अपराधियों पर कार्यवाही संभव होती है।
इसी क्रम में मंगलवार को फतेहाबाद थाना साइबर सेल में तैनात महिला सहायक सुनीता के कुशल नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा जाखल, शकरपुरा व फतेहाबाद में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। जिसमें स्कूली बच्चों को साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं और उनसे बचाव के उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
इस अवसर पर बच्चों को बताया गया कि किस प्रकार फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड, सोशल मीडिया हैकिंग, फेक लिंक और ऑनलाइन ठगी के माध्यम से साइबर अपराधी लोगों को निशाना बना रहे हैं। पुलिस टीम द्वारा बच्चों को प्रेरित करते हुए बताया गया कि किसी भी अनजान कॉल, मैसेज या लिंक पर भरोसा न करें और अपनी निजी जानकारी, बैंक डिटेल या ओटीपी किसी के साथ साझा न करें।
इस दौरान डिजिटल अरेस्ट जैसे नए साइबर फ्रॉड तरीकों के बारे में भी विस्तार से प्रकाश डाला गया। जिसमें बताया गया कि ठग स्वयं को पुलिस या सरकारी अधिकारी बताकर वीडियो कॉल के माध्यम से डराने-धमकाने की कोशिश करते हैं। बच्चों को स्पष्ट किया गया कि इस प्रकार का कोई भी कॉल आने पर घबराने की आवश्यकता नहीं है। यदि ऐसी कोई कॉल आएं तो तत्काल साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाना से संपर्क करने का सुझाव दिया गया।
इसके साथ ही पुलिस टीम द्वारा युवाओं और आमजन को नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और सकारात्मक सामाजिक गतिविधियों से जुड़ने के लिए भी प्रेरित किया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों को बताया गया कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि परिवार और समाज के लिए भी गंभीर समस्या बनता है।
महिला सहायक उपनिरीक्षक सुनीता ने कहा कि साइबर थाना फतेहाबाद आमजन की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर है। किसी भी साइबर अपराध की सूचना तुरंत पुलिस को देने से समय रहते अपराधियों पर कार्यवाही संभव होती है।



