जिले में स्थित सभी शैक्षणिक संस्थानों जैसे विद्यालयों एवं महाविद्यालयों की सीमा से 100 मीटर की परिधि में अब तंबाकू उत्पादों की बिक्री एवं सेवन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। इस संबंध में जानकारी देते हुए *पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धांत जैन, आईपीएस* ने बताया कि युवाओं को नशे की प्रवृत्तियों से दूर रखना वर्तमान समय की एक महत्त्वपूर्ण आवश्यकता बन गया है। उन्होंने कहा कि तंबाकू, जो प्रथम दृष्टया सामान्य प्रतीत होता है, कई बार युवाओं को घातक मादक पदार्थों की ओर आकर्षित कर देता है। ऐसे में यह प्रतिबंध एक महत्वपूर्ण एवं निर्णायक कदम है।
श्री जैन ने बताया कि यह कार्रवाई तंबाकू नियंत्रण अधिनियम (COTPA Act, 2003) के अंतर्गत की जा रही है। उक्त अधिनियम की धारा 6(ख) के अनुसार “कोई भी व्यक्ति किसी शैक्षणिक संस्थान की सीमा से 100 मीटर की परिधि में तंबाकू उत्पादों की बिक्री नहीं करेगा।” इस प्रावधान का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह प्रतिबंध बीड़ी, सिगरेट, गुटखा, पान मसाला, खैनी सहित सभी प्रकार के तंबाकू उत्पादों पर समान रूप से लागू होगा।
पुलिस अधीक्षक ने जिले के समस्त थाना प्रभारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में स्थित सभी शिक्षण संस्थानों की पहचान कर उनकी 100 मीटर की परिधि में आने वाली दुकानों का भौतिक निरीक्षण करें। जहां भी तंबाकू उत्पादों की अवैध बिक्री हो रही हो, वहां दुकानदारों को मौखिक एवं लिखित चेतावनी दी जाए तथा उल्लंघन की स्थिति में त्वरित कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके अतिरिक्त, यदि कोई दुकानदार नाबालिग छात्रों को तंबाकू उत्पाद बेचता है, तो उसके विरुद्ध बाल संरक्षण अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं (एनजीओ) एवं विद्यालय प्रबंधन समितियों का सहयोग लिया जाएगा।
इसके साथ ही, पुलिस की साइबर टीम को भी इस अभियान से जोड़ा गया है। साइबर टीम को निर्देश दिए गए हैं कि वह सोशल मीडिया, ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्मों एवं मैसेजिंग ऐप्स पर सतत निगरानी बनाए रखे और उन वीडियो, चित्र या पोस्ट की पहचान करे, जिनमें किसी शिक्षण संस्थान के आसपास तंबाकू उत्पादों का सेवन या विक्रय दर्शाया गया हो। ऐसी डिजिटल सामग्री को तुरंत चिन्हित कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, यदि कोई नागरिक इस प्रकार की जानकारी वीडियो या फोटो के माध्यम से पुलिस को उपलब्ध कराता है, तो उसकी पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।
पुलिस अधीक्षक ने अंत में जिलेवासियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति को अपने आसपास स्थित किसी विद्यालय या महाविद्यालय के निकट तंबाकू उत्पादों की बिक्री की जानकारी प्राप्त होती है, तो वह तत्काल इसकी सूचना निकटतम पुलिस थाना या साइबर सेल को दें। उन्होंने कहा कि यह केवल एक कानूनी विषय नहीं है, बल्कि यह हमारे बच्चों के स्वास्थ्य और भविष्य की सुरक्षा से जुड़ा एक सामाजिक दायित्व है, जिस पर हमें गंभीरता से कार्य करना होगा। “तंबाकू नहीं – शिक्षा और स्वास्थ्य ही सच्चा निवेश है।” “विद्यालय के पास तंबाकू बेचोगे – कानून का सामना करोगे!”



