अंबाला। राम जन्मभूमि आंदोलन में 1990 और 1992 की कर सेवा जिसमें बाबरी मस्जिद के ढांचे का विध्वंस हुआ में कार सेवक रहे प्रसिद्ध समाजसेवी एडवोकेट संदीप सचदेवा ने जानकारी देते हुए बताया कि मूर्ति श्री रामचंद्र जी ट्रस्ट बड़ा ठाकुर द्वारा की जिस जमीन पर कुछ लोगों ने गैर कानूनी ढंग से कब्जा करके एक तथा कथित पीर बनाकर पिछले कई सालों से हिंदू समाज की भावनाओं को आहत किया हुआ था, उसको लेकर एक लंबी लड़ाई चल रही थी जिसमें काफी हद तक सफलता तो मिली, परंतु प्रशासन के ढुल-मूल रवैया और लैंड जिहादियों के प्रति नरम हृदय रखकर काम करने की प्रणाली ने अवैध निर्माण को पूर्ण तरह न हटाया गया। उन्होंने बताया कि सेक्टर 7 के बाहर पिछले लगभग 60-70 सालों से अवैध रूप से कब्जा करके जो पीर की महिमा मंडल करने के लिए लोग जाते थे वास्तव में वह हिंदू समाज की भगवान श्री रामचंद्र जी की जमीन है, जिस पर नाजायज कब्जा किया हुआ था पूर्व में अदालत के फैसलों को आने के बाद भी स्थानीय प्रशासन द्वारा जब इस पर कोई कार्रवाई न की गई तब विश्व हिंदू परिषद और अन्य हिंदू संगठनों ने पहल करते हुए इस सारे के विरुद्ध आंदोलन खड़ा किया और जिसकी वजह से ना चाहते हुए भी प्रशासन को इसके कुछ हिस्से को गिराना पड़ा। परंतु अदालत के आदेशों को पूरी तरह न मानते हुए प्रशासन ने इसी तोड़फोड़ को सही मानते हुए इतिश्री करके अपना पल्ला झाड़ दिया ।जबकि वास्तव में जीस 60 गज पर नाजायज रूप से कब्जा किया है, वह भी खाली करवाई जानी थी। सरकार और निगम में प्रशासन से जब कोई उम्मीद ना रही तब संदीप सचदेवा व एडवोकेट गोपाल कृष्ण गुप्ता ने भगवान श्री राम के अनन्य भक्त होने के नाते इस जमीन को खाली करने के लिए अब एक दावा जिला कचहरी अंबाला में डाल दिया है, जो गीतांजलि गोयल सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में डाल गया है और आने वाली 30 अप्रैल 2026 के लिए प्रतिवादियों को जिसमें उपायुक्त अंबाला, एसडीएम अंबाला,पीडब्ल्यूडी विभाग के कार्यकारी अधिकारी और अन्य अधिकारियों को वह पीर के संचालकों को भी अदालत ने अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी कर दिया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन के ढुल मुल रवैए के कारण जो काम कई साल पहले हो जाना चाहिए था । अब इस काम को करने के लिए फिर से न्यायालय की शरण में जाना पड़ रहा है ,उनका समय तो जरूर लगेगा परंतु जब तक श्री राम जी की 1 इंच भूमि पर भी कोई नाजायज कब्जा है वह तब तक इस लड़ाई को कानूनन रूप से भी सामाजिक रूप से भी लड़ते रहेंगे और जनता को भी जागृत करेगे। उन्होंने कहा कि इस सारे प्रकरण में विश्व हिंदू परिषद जिला अंबाला का उन्हें हर प्रकार का सहयोग मिल रहा है और विश्व हिंदू परिषद की प्रेरणा से ही वह यह काम कर पा रहे हैं। विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता इस आंदोलन को लेकर मुखर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर सड़कों पर भी उतरे हैं। यदि आवश्यकता पड़ी तो समय आने पर प्रशासन को उनका कर्तव्य याद दिलाने के लिए फिर से इस मामले पर आंदोलन किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल न्यायालय में नहीं अभी तो सड़कों पर भी लड़ी जाएगी और हिंदू समाज को जागृत करके इस अवैध निर्माण के खिलाफ एक जन आंदोलन भी किया जाएगा उन्होंने कहा कि इसके साथ-साथ अब उनका लक्ष्य मोटर मार्केट में काले पुल के बाहर एक अवैध पीर बनाकर जो नाजायज कब्जा किया गया है उसको भी जल्द हटाने के बारे में विश्व हिंदू परिषद के साथियों के साथ मिलकर रणनीति बनाकर उस अवैध निर्माण को भी वहां से हटाया जाएगा।