जींद। एडीसी प्रदीप कुमार ने बुधवार को पांडु पिंडारा गांव में स्थित आंगनवाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य सरकार द्वारा चलाई जा रही महिला एवं बाल विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का आकलन करना रहा। निरीक्षण के दौरान एडीसी ने आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों की उपस्थिति, पोषण आहार की गुणवत्ता, साफ-सफाई की व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, बैठने की व्यवस्था एवं शैक्षणिक सामग्री का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने आंगनवाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका से केंद्र संचालन से संबंधित रजिस्टरों की जांच की। एडीसी प्रदीप कुमार ने निर्देश दिए कि सभी लाभार्थियों को समय पर पोषण आहार उपलब्ध कराया जाए और बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास की नींव होते हैं, इसलिए इनमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना प्रशासन की प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान एडीसी ने बच्चों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई, स्वास्थ्य एवं खान-पान के बारे में जानकारी ली। बच्चों से संवाद करते हुए उन्होंने उन्हें नियमित रूप से केंद्र आने और पढ़ाई के साथ-साथ स्वच्छता अपनाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने आंगनवाड़ी केंद्र की साफ.-सफाई और रिकॉर्ड संधारण में और अधिक सुधार लाने के निर्देश दिए। एडीसी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि भविष्य में यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण से क्षेत्र में प्रशासनिक सख्ती और जवाबदेही का संदेश गया। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्यक्रम अधिकारी के सीमा रोहिल्ला भी मौजूद रही।
एडीसी प्रदीप कुमार ने पांडु पिंडारा आंगनवाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण किया



