जींद। विश्व हिन्दू परिषद् व बजरंग दल की बैठक का आयोजन प्रांत उपाध्यक्ष राधेश्याम चिल्लाना कीअध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में युवा शक्ति को आह्नान किया गया कि 25 दिसंबर वीरवार को अधिक से अधिक संख्या में त्रिशूल धारण कर हिंदू शौर्य का परिचय दें।
प्रांत उपाध्यक्ष राधे श्याम चिलाना ने कहा कि भगवान श्रीराम ने अयोध्या का राजपाठ छोड़ा लेकिन धनुष बाण नही। हमारे 33 कोटि देवी, देवताओं के हाथों में शस्त्र हैं। हम शस्त्र चलाना क्यों भूल गए हैं। आतातायी का वध करना हमारी परम्परा रही है। उन्होंने युवा शक्ति को आह्नान किया कि 25 दिसंबर वीरवार को अधिक से अधिक संख्या में त्रिशूल धारण कर हिंदू शौर्य का परिचय दें। जिला अध्यक्ष सुशील सिंगला ने कहा कि हमारी शस्त्र धारण एवं पूजा परम्परा का स्मरण करवाने के निमित्त बजरंग दल द्वारा श्री जयंती देवी पार्क में 25 दिसंबर को विशाल त्रिशूल दीक्षा कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है। उन्होंने कहा कि सशक्त एवं समरस हिंदू समाज से राष्ट्र का विकास निश्चित है। उन्होंने बंगाल की घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि केंद्र सरकार बंगाल सरकार को वहां हो रही घटनाओं के बारे ध्यान दिलाए और सख्त कदम उठाए। मातृशक्ति की प्रांत सह संयोजिका दीप्ति मित्तल ने आमजन से आग्रह किया कि वे 21 दिसंबर से 27 दिसंबर तक शहीद सप्ताह में बच्चों को सैंटा क्लाज न बना कर गुरु पुत्रों की ड्रैस में विद्यालय में भेजें। जिससे समाज में हमारी धर्म और संस्कृति के प्रति संदेश जाए कि जिस समाज ने युग पुरुषों को भूला दिया, उस संस्कृति का विनाश निश्चित है। कार्यक्रम को लेकर सभी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं की जिम्मेवारी छोड़ दी गई है।
प्रांत उपाध्यक्ष राधे श्याम चिलाना ने कहा कि भगवान श्रीराम ने अयोध्या का राजपाठ छोड़ा लेकिन धनुष बाण नही। हमारे 33 कोटि देवी, देवताओं के हाथों में शस्त्र हैं। हम शस्त्र चलाना क्यों भूल गए हैं। आतातायी का वध करना हमारी परम्परा रही है। उन्होंने युवा शक्ति को आह्नान किया कि 25 दिसंबर वीरवार को अधिक से अधिक संख्या में त्रिशूल धारण कर हिंदू शौर्य का परिचय दें। जिला अध्यक्ष सुशील सिंगला ने कहा कि हमारी शस्त्र धारण एवं पूजा परम्परा का स्मरण करवाने के निमित्त बजरंग दल द्वारा श्री जयंती देवी पार्क में 25 दिसंबर को विशाल त्रिशूल दीक्षा कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है। उन्होंने कहा कि सशक्त एवं समरस हिंदू समाज से राष्ट्र का विकास निश्चित है। उन्होंने बंगाल की घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि केंद्र सरकार बंगाल सरकार को वहां हो रही घटनाओं के बारे ध्यान दिलाए और सख्त कदम उठाए। मातृशक्ति की प्रांत सह संयोजिका दीप्ति मित्तल ने आमजन से आग्रह किया कि वे 21 दिसंबर से 27 दिसंबर तक शहीद सप्ताह में बच्चों को सैंटा क्लाज न बना कर गुरु पुत्रों की ड्रैस में विद्यालय में भेजें। जिससे समाज में हमारी धर्म और संस्कृति के प्रति संदेश जाए कि जिस समाज ने युग पुरुषों को भूला दिया, उस संस्कृति का विनाश निश्चित है। कार्यक्रम को लेकर सभी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं की जिम्मेवारी छोड़ दी गई है।
