वेस्‍ट मैनेजमेंट से लेकर मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य पर बनाए एआइ प्रोजेक्‍ट

अगर डस्‍टबिन ही बता दे कि मैं पूरी तरह से भर चुका हूं। अब खाली कर दो। सूखा कचरा डालना है या गीला कचरा। तो नगर निगम का काम बेहद आसान हो जाएगा। जनता भी जागरूक रहेगी। इसी तरह अगर आप मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं तो फोन आपको अलर्ट कर देगा। आपके परिवार के सदस्‍यों को सूचित कर देगा। एआई आधारित जिंदगी को आसान करने वाले साफ्टवेयर व एप छात्र-छात्राओं ने बनाए। मौका था पानीपत इंस्‍टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्‍नॉलोजी (पाइट) में अंतरस्‍तरीय स्‍मार्ट इंडिया हैकॉथान का। राष्‍ट्र स्‍तरीय प्रतिस्‍पर्धा में भाग लेने के लिए 50 टीमों का चयन किया गया। पांच और टीमों को भी जगह मिल सकती है।
पाइट के चेयरमैन हरिओम तायल ने बताया कि हैकाथॉन में छात्रों ने उत्‍साह दिखाया। कुल 124 टीमों ने पंजीकरण कराया। बोर्ड सदस्‍य शुभम तायल ने कहा कि यह पहल छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए तैयार करने के साथ ही देश की प्राथमिकताओं से जुड़े समाधान विकसित करने में भी मददगार साबित होगी। पाइट के निदेशक डॉ.शक्ति कुमार ने कहा कि यही युवा आगे चलकर स्‍टार्टअप शुरू करेंगे। इसलिए स्‍मार्ट इंडिया हैकाथॉन कराया गया। अधिकांश टीमें सॉफ्टवेयर-आधारित चुनौतियों पर काम कर रही हैं। 12 टीमें हार्डवेयर प्रोजेक्ट्स पर शोध कर रही हैं। पाइट की टीमें राष्‍ट्रीय प्रतिस्‍पर्धा की विजेता रही हैं। हैकाथॉन की स्‍पोक एवं साइबर सिक्‍योरिटी विभाग की अध्‍यक्ष डॉ.शक्ति अरोड़ा ने बताया कि सबसे ज्यादा प्रोजेक्ट स्मार्ट एजुकेशन थीम पर केंद्रित रहे। स्वास्थ्य, कृषि, ऊर्जा, पर्यावरण, गवर्नेंस और मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों पर भी टीमों ने अपने आइडिया प्रस्तुत किए। प्रो.सुमन मान, डॉ. रिचा चौधरी, प्रो.रूद्र प्रताप ओझा, अमित दुबे, डॉ. संदीप बिंद्रा, डॉ. पंकज बत्रा ने भी छात्रों का उत्‍साह बढ़ाया।