स्वदेशी और स्वावलंबी सुरक्षा अभियान के अंतर्गत स्वदेशी जागरण मंच द्वारा 7 सितंबर से 21 सितंबर तक स्वदेशी संकल्प यात्रा का आयोजन किया जा रहा है जो की 7 सतंबर को सुबह 10:00 बजे प्राचीन श्रीकाली माता मंदिर कलका से शुरू की जाएगी यह यह यात्रा उत्तर भारत समन्वयक डॉ. राजेश गोयल जीके नेतृत्व में हजारों लोगों के सथ संकल्प लेकर शुरुआत की जाएगी जिसमें जिला पंचकूला के  भारी सख्या में उपस्ता उन्होंने कहा कि है यह अभियान केवल विचारों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार के नए साधन उपलब्ध कराना भी है।
पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया, जिसके बाद चीन, तुर्की समेत कुछ देशों ने पाकिस्तान का समर्थन किया।   भारत को सशक्त बनाने के लिए आत्मनिर्भरता और स्वदेशी को अपनाना जरूरी है।  उन्होंने कहा कि हम अपने पैरों पर खड़े नहीं होंगे, तब तक वैश्विक मंच पर मजबूती से नहीं उभर सकते।
स्वदेशी आंदोलन का इतिहास भी इस सोच को मजबूती देता है। 7 अगस्त 1942 को कोलकाता के टाउन हॉल में रविंद्रनाथ टैगोर और डॉ. भीमराव अंबेडकर की उपस्थिति में अंग्रेजों के खिलाफ स्वदेशी आंदोलन शुरू हुआ। इसके बाद लाल-बाल-पाल के नेतृत्व में आंदोलन तेज हुआ और 1911 में बंगाल विभाजन को रद्द करना पड़ा। महात्मा गांधी ने चरखे और स्वदेशी वस्तुओं के माध्यम से जन-जन को इस अभियान से जोड़ा, जिसका परिणाम 1947 में देश को आजादी के रूप में मिला।
डॉ. गोयल ने ऐतिहासिक पृष्ठभूमि की ओर इशारा करते हुए कहा  कि पहला संगठित स्वदेशी आंदोलन वर्ष 1911 में हुआ था, जबकि 7 अगस्त 1942 को कोलकाता के टाउन हॉल में रविंद्रनाथ टैगोर के नेतृत्व में अंग्रेजी सरकार के खिलाफ बड़ा स्वदेशी आंदोलन शुरू हुआ था। इसी भावना को वर्तमान संदर्भ में पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है। उन्होंने जिला आवास योजना में निवेदन किया कि सभी सदस्य इस संकल्प यात्रा में भारी संख्या में उपस्थित होकर भाग ले।