जींद। संघ प्रमुख आगम ज्ञाता अरूण चंद्र महाराज चातुर्मास से पहले निरंतर शहर-शहर, गांव-गांव जाकर धर्म का प्रचार कर लोगों को भगवान महावीर स्वामी का जीओ और जीने दो, बुराइयों, नशे से दूर रहने का संदेश दे रहे है। जुलाई माह में चातुर्मास जैन संतों के होते है। इन दिनों जहां भी गुरू अरूण चंद्र महाराज जा रहे है वहां चातुर्मास जैस रंग नजर आ रहा है। उचाना, नरवाना, टोहाना के आसपास के क्षेत्र में वो जाकर धर्म का प्रचार कर रहे है। जैन संत की प्रेरणा से भाजपा विधायक देवेंद्र चतरभुज अत्री ने कसूहन गांव में पक्षी आश्रम बनाने की घोषणा की। अरूण चंद्र महाराज की प्रेरणा से उचाना में नगर पालिका चेयरमैन विकास काला नगर पालिका के माध्यम से गुरू सुदर्शन द्वार, अलग-अलग जगहों पर राम श्याम महावीर जैन पक्षी आश्रम बनवाएंगे। ऐसे की नरवाना में गुरू सुदर्शन द्वार बनाने की घोषणा कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने की जो नरवाना शहर में बनेगा। धर्म का प्रचार हो साधुए संतों के रहने के लिए गांव में भवन हो इसको लेकर भी राम श्याम महावीर जैन आश्रम जैन संत की प्रेरणा से बन रहे है। अब तक मखंड, बिठमड़ा गांव में बन चुके है तो नरवाना के कालवनए धमतान में कार्य चल रहा है। 28 को बनभौरी में इसको लेकर शुभ मुर्हत होगा। यहां पर अरूण चंद्र महाराज के शिष्य अभिषेक मुनि पहुंचेंगे। काकड़ोद गांव में भी राम श्याम महावीर जैन आश्रम बनेगा। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली सोनीपत से स्पेशल दनौदा की तरफ विहार कर रहे अरूण चंद्र महाराज के दर्शन का लाभ लेने पहुंचे। उत्तर भारत के प्रमुख जैन संतों में गुरू अरूण चंद्र महाराज है। जिस तरह से बिना चातुर्मास जो भीड़ अरूण चंद्र महाराज के प्रवचनों में उमड़ रही है वो कमाल है। दनौदा के रास्ते सुरेवाला, उकलाना से होते हुए टोहाना आने वाले दिनों में गुरू अरूण चंद्र महाराज पहुंचेगे। अधिक से अधिक गांव में राम श्याम महावीर जैन आश्रमए पक्षी बसेरे बने इसको लेकर निरंतर प्रेरणा जैन संत दे रहे है। गुरू सेवक वीरेंद्र करसिंधु, सुभाष कापड़ो, सज्जन जैन, विकास काला, शीलू बुडायन ने कहा कि गुरू अरूण चंद्र महाराज जिस क्षेत्र में जा रहे है वो क्षेत्र सौभाग्शाली है। जैन संत के चरण क्षेत्र में पड़ते है तो वो क्षेत्र समृद्धि, तरक्की के पथ पर अग्रसर होता है। ऐसे संतों के वचन सुनना भाग्य की बात है। आज के दौरे में सुविधाएं का आदि हर कोई हो रहा है लेकिन जैन संत ऐसे है जिनके पांव में चप्पल नहीं होती, सिर पर छात्ता नहीं होता बैंक में खाता नहीं होता। अधिक से अधिक लोगों का जीवन सुधरे इस प्रेरणा से धर्म का संदेश देते है।