पूर्व सांसद डा. सुशील इंदौरा ने एक प्रेस बयान में सरकार द्वारा किसानों को मुआवजे के नाम पर गुमराह किए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार किसानों को मुआवजा न देकर प्रति एकड़ में हुए नुकसान के हिसाब से भरपाई करे। जारी बयान में पूर्व सांसद ने कहा कि सरकार बरसात के कारण हुए नुकसान को प्राकृतिक आपदा का नाम देकर अपना पीछा छुड़वाना चाहती है, लेकिन सच्चाई तो ये है कि ये जो नुकसान हुआ है, सब सरकार की लापरवाही के कारण हुआ है। डा. इंदौरा ने कहा कि अगर सरकार ने समय रहते घग्गर की खुदाई करवाकर उसके तटबंधों को मजबूत किया होता, ड्रेनों की सफाई करवाई होती तो आज जनता को ये पानी के कारण उपजा खौफनाक मंजर नहीं देखना पड़ता। पूर्व सांसद ने कहा कि एक एकड़ में किसान को करीबन 80 हजार से एक लाख रुपए की फसल पैदा होती है, जबकि सरकार ने 15 से 20 हजार रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा तय किया है।