टोहाना। हरियाणा सरकार व हरियाणा योग आयोग व आयुष विभाग के संयुक्त तत्वाधान में 12 जनवरी स्वामी विवेकानंद की जयंती से प्रारंभ होकर 12 फरवरी 6 महर्षि दयानंद जी की जयंती तक तीन महापुरुषों को समर्पित, सूर्य नमस्कार महाअभियान चलाया जा रहा है। आयुष विभाग फतेहाबाद के अंतर्गत जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. प्रवीण शर्मा व जिला योग समन्वयक डॉ. क्टर भारती चौहान के निर्देशानुसार आयुष योग सहायक रवि कुमार ने टोहाना के गांव पिरथला में युवाओं को सूर्य नमस्कार के अभ्यास का प्रशिक्षण दिया।
आयुष योग सहायक रवि ने कहा कि सूर्य नमस्कार को अक्सर सूक्ष्म व्यायाम और अन्य उन्नत आसनों और प्राणायामों के अभ्यास के बीच एक सेतु माना जाता है। यह किसी भी तरह की मानसिक अशांति को दूर करने में मदद करता है। मानसिक स्वास्थ्य में असंतुलन अक्सर हार्मोन में असंतुलन से जुड़ा होता है या इसकी ओर ले जाता है। इस तरह यह एक बीमारी या सिंड्रोम के रूप में प्रकट होता है जैसे मधुमेह, थायरॉयड रोग आदि। उन्होंने कहा कि आसनों के इस उत्कृष्ट समूह के नियमित अभ्यास से अंत:स्रावी ग्रंथियां टोन होती हैं और उनकी मालिश होती है। सूर्य नमस्कार मस्तिष्क केंद्रों और पूरे शरीर में चलने वाले संबंधित तंत्रिका तंतुओं को उत्तेजित करता है। इस बात पर जोर दिया जाता है कि आसनों के ये समूह शरीर में प्रत्येक शारीरिक प्रणाली को जो लाभ प्रदान करते हैं। उसके अलावा यह संचार, श्वसन और अंत:स्रावी प्रणालियों के बीच एक दूसरे के साथ संतुलन भी प्रदान करता है। आयुष योग सहायक रवि कुमार ने युवाओं को योग अभ्यास की बारीकियां से अवगत करवाया। अनेक युवा साथियों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया और प्रतिज्ञा ली की वह सूर्य नमस्कार व योग प्राणायाम को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएंगे।
आयुष योग सहायक रवि ने कहा कि सूर्य नमस्कार को अक्सर सूक्ष्म व्यायाम और अन्य उन्नत आसनों और प्राणायामों के अभ्यास के बीच एक सेतु माना जाता है। यह किसी भी तरह की मानसिक अशांति को दूर करने में मदद करता है। मानसिक स्वास्थ्य में असंतुलन अक्सर हार्मोन में असंतुलन से जुड़ा होता है या इसकी ओर ले जाता है। इस तरह यह एक बीमारी या सिंड्रोम के रूप में प्रकट होता है जैसे मधुमेह, थायरॉयड रोग आदि। उन्होंने कहा कि आसनों के इस उत्कृष्ट समूह के नियमित अभ्यास से अंत:स्रावी ग्रंथियां टोन होती हैं और उनकी मालिश होती है। सूर्य नमस्कार मस्तिष्क केंद्रों और पूरे शरीर में चलने वाले संबंधित तंत्रिका तंतुओं को उत्तेजित करता है। इस बात पर जोर दिया जाता है कि आसनों के ये समूह शरीर में प्रत्येक शारीरिक प्रणाली को जो लाभ प्रदान करते हैं। उसके अलावा यह संचार, श्वसन और अंत:स्रावी प्रणालियों के बीच एक दूसरे के साथ संतुलन भी प्रदान करता है। आयुष योग सहायक रवि कुमार ने युवाओं को योग अभ्यास की बारीकियां से अवगत करवाया। अनेक युवा साथियों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया और प्रतिज्ञा ली की वह सूर्य नमस्कार व योग प्राणायाम को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएंगे।
