स्थानीय लोग बोले,सही सलामत गली का टेंडर लगाकर सरकारी संपत्ति को पहुंचाया नुकसान अधिकारियों पर भी हो करवाई

नगर पालिका उकलाना द्वारा सिरसा-चंडीगढ़ रोड से राजकीय स्कूल उकलाना तक गली निर्माण कार्य का टेंडर दिए जाने के बाद स्थानीय लोगों ने विरोध जताया है। आरोप है कि जिस गली का निर्माण महज छह महीने पहले ही हुआ था, उसे अब तोड़कर पुनर्निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया है। स्थानीय नागरिक कुलदीप सिंह, जयप्रकाश माथुर, करण सिंह सहित अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि नगर पालिका द्वारा बिना निरीक्षण किए टेंडर दिया गया, जिससे सरकारी धन की बर्बादी हो रही है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सही सलामत गली को तोड़कर निर्माण करना गलत है। जब छह महीने पहले ही सड़क बनाई गई थी तो पुनर्निर्माण के लिए समय निर्धारित है। यह सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसा है और प्रशासन को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण कार्य के चलते होटल कारोबार और आमजन की आवाजाही प्रभावित हो रही है।
कुलदीप सिंह ने निर्माण कार्य में लगे ट्रैक्टरों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बिना नंबर की गाड़ी से काम कराया जा रहा है, जिस पर प्रशासन को कार्रवाई करनी चाहिए।” वहीं, समाजसेवी करण सिंह जांगड़ा ने कहा कि सड़क निर्माण होना अच्छी बात है, लेकिन लेवलिंग के नाम पर सही सलामत चौक उखाड़कर ले जाया जा रहा है, जिससे सरकारी संपत्ति को नुकसान हो रहा है।
स्थानीय निवासी जयप्रकाश माथुर ने कहा, सड़क बने यह अच्छी बात है, लेकिन पहले पीड़ित क्षेत्र की आवश्यकताओं को पूरा किया जाए। छह महीने पहले बनी सड़क को तोड़ना सरकारी पैसे का दुरुपयोग है।
वहीं, ठेकेदार संदीप बिश्नोई ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि सिरसा-चंडीगढ़ रोड से स्कूल तक का टेंडर नगर पालिका द्वारा दिया गया है। यदि गली सही सलामत है तो यह नगर पालिका की गलती है, हमारे पास केवल टेंडर के अनुरूप काम करने का अधिकार है।
इस मामले में नगर पालिका के कनिष्ठ अभियंता नवदीप नैन से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। नगर पालिका के सचिव संदीप शर्मा से संपर्क कर पक्ष जानना चाहा तो उन्होंने जानकारी लेने की बात कही, लेकिन बाद में संपर्क नहीं हो सका।
 पालिका अध्यक्ष सुशील साहूवाला ने कहा, “स्थानीय लोगों के फोन आए थे, जिस पर कनिष्ठ अभियंता को संज्ञान लेने के लिए कहा गया है। यदि गली सही सलामत है तो उसे नुकसान न पहुंचाया जाए। टेंडर लगने से पहले तकनीकी शाखा जांच करती है और तभी काम शुरू होता है।”
यह मामला नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। प्रशासन द्वारा उचित जांच कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की अपेक्षा की जा रही है ताकि सरकारी संपत्ति की रक्षा की जा सके और आमजन को असुविधा से बचाया जा सके।