उपमण्डल नारायणगढ़ की एसडीएम शिवजीत भारती ने सोमवार को विभिन्न नदियों के किनारों का दौरा कर पानी के बहाव एवं भूमि कटाव की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जहां-जहां भूमि कटाव हो रहा है, वहां तुरंत मिट्टी व रेत से भरे बैग लगाकर अस्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि गांव की आबादी सुरक्षित रह सके। एसडीएम ने गांव संगरानी का दौरा कर रूण नदी से हुए भूमि कटाव का अवलोकन किया। उन्होंने बीडीपीओं जोगेश कुमार, सरपंच रमन कुमार व ग्रामीणों से कहा कि नदी के पास रहने वाले लोग सतर्क रहें और यदि कटाव आबादी की ओर बढ़े तो प्रभावित परिवारों को तुरंत धर्मशाला में शिफ्ट किया जाए। साथ ही सरपंच को निर्देश दिए कि गांव में मुनादी कर यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी व्यक्ति बारिश व तेज बहाव के दौरान नदी या उसके आसपास न जाए। इसके बाद एसडीएम ने हिमाचल प्रदेश में स्थित गुरुद्वारा टोका साहब (नारायणगढ़ उपमण्डल की सीमा से सटा क्षेत्र) के मार्ग का भी निरीक्षण किया। नदी से हो रहे कटाव के कारण इस मार्ग को खतरा उत्पन्न हो गया है। अभी केवल हल्के वाहनों को ही गुजरने की अनुमति है, लेकिन स्थिति बिगड?े पर मार्ग को पूरी तरह बंद करना पड़ सकता है। उन्होंने गुरुद्वारा साहब के सेवादारों से कहा कि वे इस संबंध में एसडीएम नाहन से बात करेंगी ताकि मार्ग को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें। एसडीएम शिवजीत भारती और बीडीपीओं ने रूण नदी के साथ-साथ मारकण्डा व बेगना नदी क्षेत्र का भी दौरा किया। बीडीपीओं जोगेश कुमार ने बताया कि नगला राजपूतान मौजा व मारकण्डा नदी क्षेत्र के डेरे में सब्जी/खेती कार्य हेतु रह रहे अन्य प्रदेशों के तीन परिवारों को उनके मूल निवास स्थान पर भेजा गया है। बरसात के मौसम में संभावित बाढ़ एवं जलभराव से निपटने के लिए नारायणगढ़ तहसील कार्यालय में फ्लड कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जो 24़7 कार्यरत है। इसका हेल्पलाइन नंबर 01734-284002 है। कोई भी व्यक्ति जलभराव, बाढ़ या अन्य आपात स्थिति में तुरंत इस नंबर पर संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकता है। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि अगले दो दिनों में संभावित भारी वर्षा को देखते हुए लोग सतर्क रहें, अनावश्यक बाहर न निकलें, जलभराव और नालों-नदियों के पास न जाएं तथा बिजली के उपकरणों व ढीले तारों से दूरी बनाए रखें। सिंचाई विभाग की एसडीओं शिखा बंसल ने बताया कि फिलहाल बेगना नदी में पानी खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन रून नदी में इस सीजन का सबसे अधिक पानी आया है, लेकिन अभी खतरे के निशान से नीचे है। आज कालाआम्ब में मारकण्डा नदी में सीजन का सर्वाधिक जलस्तर दर्ज किया गया है जो खतरे के निशान से ऊपर पहुंच चुका है। विभाग लगातार जलस्तर पर नजर रख रहा है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। इस अवसर पर कनिष्ठ अभियंता साहिल सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
नारायणगढ़ एसडीएम शिवजीत भारती ने नदियों के किनारों का किया निरीक्षण, ग्रामीणों को सतर्क रहने व संबंधित विभाग को सुरक्षा इंतजाम पुख्ता करने के निर्देश दिए



