जींद। जिला परिवहन विभाग ने वीरवार को स्कूली बसों की जांच का विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान दो स्कूलों में 27 बसों की जांच की गई। जांच के दौरान सभी बसों में निर्धारित मानक पूरे पाए गए। जिसके चलते कोई चालान नहीं हुआ। यह तीन माह दूसरी बार ऐसा हुआ है कि जांच के दौरान स्कूली बसों में मानक पूरे मिले और कोई चलान नहीं किया गया। इससे पहले 18 दिसंबर 2025 को जब स्कूली बसों की जांच का अभियान शुरू किया गया था तो पहले दिन दो स्कूलों में 58 बसों की जांच की गई थी। उस दौरान भी कोई चालान नहीं किया गया था। वहीं पिछले सप्ताह 12 मार्च को दो स्कूलों में 25 बसों की जांच की गई थी। 10 बसों में सीसीटीवी कैमरा, फस्र्ट एड बाक्स व फायर सिलिंडर नहीं मिलने पर 14 हजार 500 रुपये का चालान किय गया था। सप्ताह में हर वीरवार को जिला परिवहन विभाग की टीम अभियान चलाती है। जांच के लिए चार सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। जिसमें जिला परिवहन विभाग कार्यालय से इंस्पेक्टर, एमवीआई, ट्रैफिक पुलिस से सब इंस्पेक्टर व जिला शिक्षा अधिकारी से एक प्रतिनिधि को शामिल किया जाता है। जिले में 350 से ज्यादा प्राइवेट स्कूल हैं। इसमें एक लाख से अधिक विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। विद्यार्थियों को स्कूल व घर पर ले जाने के लिए बसों की व्यवस्था होती है। नियमानुसार इसमें एक सहायक भी तैनात होता है। इसके अलावा बस में जीपीएस व सीसीटीवी कैमरे भी लगे होना अनिवार्य होते हैं। बस का परमिट व चालक के पास हैवी लाइसेंस जैसे कागजात भी जरूरी होते हैं लेकिन प्राइवेट बस चालक कई बार इन नियमों का पालन नहीं करते। बस भी ज्यादा स्पीड में चलाते हुए पाए जाते हैंए जिससे सड़क हादसे का खतरा बना रहता है। ऐसे में हर वीरवार को जिला परिवहन विभाग की टीम द्वारा बसों की जांच की जाती है और जांच के दौरान खामियां पाए जाने पर चालान किया जाता है। जिला परिवहन विभाग के निरीक्षक बलजीत सिंह ने बताया कि स्कूली बसों की जांच के लिए हर वीरवार को अभियान चलाया जाता है। जांच के दौरान जो-जो कमियां पाई जाती हैं, उस आधार पर बसों का चालान किया जाता है। यह अभियान लगातार जारी रहेगा। इसका मुख्य उद्देश्य स्कूली बसों की जांच कर विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित परिवहन सुविधा मुहैया करवाना है।
जींद में स्कूली बसों की जांच अभियान, 27 बसों में सभी मानक पूरे मिले



