अंबाला। सनातन धर्म महाविद्यालय परिसर में संचालित राष्ट्रीय सेवा योजना की तीनों इकाइयों द्वारा गाँव रामगढ़ माजरा में चलाए जा रहे सात दिवसीय विशेष शिविर के दूसरे दिन ह्लनशा मुक्तिह्व थीम पर रैली का आयोजन किया गया। शिविर के दूसरे दिन की शुरूआत सुबह जुंबा एवं योगाभ्यास के साथ की गई। दूसरे दिन की ग्रुप मेम्बर काजल एवं हरनीत कौर ने मंच संचालन करते हुए बच्चों के समक्ष पहले दिन की गतिविधियों की संक्षिप्त रिपोर्ट प्रस्तुत की। तत्पश्चात स्वयंसेवकों ने गाँव में नशा मुक्त भारत विषय पर लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से एक रैली का आयोजन किया। स्वयंसेवक ग्रुप द वॉरियर्स द्वारा सभी स्वयंसेवकों के लिए तैयार की गई सात दिवसीय शिविर पर आधारित डाक्यूमेंट्री भी दिखाई गयी। कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए कार्यक्रम अधिकारी डॉ. गिरधर गोपाल नें दूसरे दिन के मुख्य वक्ता डॉ लेफ्टिनेंट सुनील कुमार, असिस्टेंट प्रोफेसर, राजीव गांधी राजकीय महाविद्यालय, साहा, अंबाला कैंट का सभी से परिचय कराया। तत्पश्चात मुख्य वक्ता डॉ सुनील कुमार ने बच्चों को संबोधित करते हुए भारतीय सशस्त्र बलों में कैरियर व्याख्यान दिया। उन्होंने स्वयंसेवकों को बहुत से लोगों का उदाहरण देते हुए प्रोत्साहित किया। दोपहर को मेस कमेटी के सदस्यों दिशा, तरुण, गुरप्रीत, केशव, रिया, शिवम्, ध्रुव, इशिका, प्रार्थना, गगनदीप, मुस्कान, प्रियांशु, मयंक एवं अंश द्वारा सभी के लिए भोजन की व्यवस्था की गयी। दोपहर उपरांत स्वयंसेवकों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सनातन धर्म शिक्षा समिति के प्रशासनिक निदेशक डॉ राजिन्दर सिंह नें भी शिविर में शिरकत की एवं स्वयंसेवकों से विचार साँझा किये। स्वयंसेवकों द्वारा पौधा रोपण भी किया गया तथा ग्रुप द वारियर्स के सदस्यों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। संध्याकालीन सत्र के दौरान बच्चों के लिए विभिन्न खेल कूद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया जिसमें सभी ने बढ़चढ़ कर भाग लिया। तत्पश्चात सभी बच्चों ने रात्रि भोजन के साथ अगले दिन होने वाली गतिविधियों पर विचार विमर्श किया। संपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन कार्यक्रम अधिकारी डॉ मोहित बिंदलिश, डॉ आरती अरोड़ा एवं डॉ गिरधर गोपाल की देखरेख में हुआ। कार्यक्रम को सफल बनाने में द वॉरियर्स ग्रुप के सदस्य विवेक, तनिमा, साक्षी, अभिषेक, लक्ष्य, राघव, मनप्रीत कौर, राशि, नैन्सी, खुशी, जूही, काजल एवं हरमीत का महत्वपूर्ण योगदान रहा।