मंगलवार को हरतालिका तीज के दिन सामवेदी ब्राह्मणों ने रक्षाबंधन और श्रावणी उपाकर्म का पर्व श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाया। इस अवसर पर राजघाट कनखल में गंगा के तट पर सुबह ऋषि तर्पण, देव तर्पण, पितृ तर्पण किया और पंचगव्य स्नान किया। उसके बाद कनखल राजघाट में लक्ष्मी नारायण धर्मशाला में धार्मिक विधि विधान के साथ यज्ञोपवीतों का संधान और उनकी प्रतिष्ठा की गई।

ज्योतिषाचार्य पंडित मनोज कुमार त्रिपाठी ने बताया कि हरतालिका तीज के दिन सामवेदी ब्राह्मण श्रावणी पर्व को धूमधाम से मनाते हैं। इस दिन यज्ञोपवीत का धार्मिक विधि विधान से पूजन किया जाता है और उनमें मंत्र शक्ति स्थापित की जाती है और फिर यह ब्राह्मण धारण करते हैं।

बताया कि आज के दिन सामवेदी ब्राह्मणों के घर बहन आकर रक्षाबंधन का त्योहार मनाती हैं। उन्होंने बताया कि आज के दिन पार्वती ने निर्जल व्रत रखा था और शंकर जी ने उन्हें वरण किया था और उनसे विवाह की स्वीकृति दी थी। इसीलिए इस त्योहार का विशेष महत्व हैं।

पंडित अभय त्रिपाठी ने बताया कि हरितालिका त्यौहार भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। इस अवसर पर सामवेदी ब्राह्मणों का श्रावणी उपाकर्म और रक्षाबंधन का त्यौहार आचार्य हरिओम जयवाल और पंडित शिवा दलाल ने संपन्न कराया। इस अवसर पर प्रेम त्रिपाठी, पंडित अभय त्रिपाठी, सिद्धार्थ त्रिपाठी, प्रणय त्रिपाठी, महेश त्रिपाठी, पुनीत त्रिपाठी चुन्नू, संजय त्रिपाठी आदि मौजूद थे।