जैन परंपरा के अनुसार आज क्षमावाणी महापर्व मनाया गया। श्री दिगम्बर जैन मंदिरों में श्रद्धालुओं ने अभिषेक, पूजा-अर्चना कर एक-दूसरे से क्षमा मांगी और गले लगकर पर्व मनाया। इस अवसर पर केसर का टीका लगाकर एक-दूसरे को बधाई दी गई। साथ ही दस लक्ष्ण महापर्व का समापन भी हुआ। यह पर्व पूरे विश्व में धूमधाम से मनाया जाता है।
मीडिया प्रभारी राजीव जैन ने बताया कि एल.पी.एस. परिवार द्वारा सेक्टर-1 स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन गजरथ मंदिर में प्रातः 6 बजे भगवान मुनिसुव्रत जी का जलाभिषेक महाशांति धारा समाजसेवी विजय जैन व राजेश जैन के परिवार द्वारा सम्पन्न कराया गया। तत्पश्चात श्रद्धालुओं ने नित्य नियम पूजन, क्षमावाणी पूजन, गुरु पूजन, भगवान पार्श्वनाथ जी का पूजन किया और अष्टद्रव्य से महाअर्घ्य अर्पित किया। दीपकों के साथ महाआरती भी की गई।
राजेश जैन ने अपने संबोधन में कहा, मैं सब प्राणियों को क्षमा करता हूँ और सभी जीव मुझे क्षमा करें। क्षमा, मैत्री और सदभाव का यह पर्व मन की कालुषकता दूर कर सौहार्द का संदेश देता है। क्षमा मांगने वाले से क्षमा देने वाला महान होता है। आज विश्व मैत्री दिवस भी है।
इस दौरान विजय जैन व राजेश जैन ने 10 दिनों के निर्जल व्रतधारियों को मोती की माला, पटका और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। समारोह में दीपा जैन, संध्या जैन, समृद्धि जैन, रीटा जैन, राजीव जैन, अश्विनी जैन, सिद्धार्थ जैन, शलैन्द्र जैन, अनिल जैन लोहिया, पंकज जैन, राशि जैन, मुकेश जैन, नवीन जैन, रूबी जैन सहित शहर के गणमान्य लोग उपस्थित थे।