प्रदेश में ऑनलाइन आधारित लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली सर्वर समस्या के कारण पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गई है। सितम्बर माह का आधा समय बीत जाने के बावजूद अब तक राशन वितरण शुरू नहीं हो सका है। प्रदेशभर के बीपीएल व अन्य पात्र परिवार राशन के लिए डिपो केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं, जबकि डिपो पर खाद्यान्न और सरसों तेल का स्टॉक उपलब्ध है, परंतु सर्वर प्रणाली ठप होने से वितरण रुका हुआ है।
आल राशन डिपो होल्डर वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा के मीडिया प्रभारी गुरतेज सिंह सोढ़ी ने बताया कि प्रदेश में आठ वर्ष पुरानी 2-जी क्षमता वाले सर्वर के सहारे राशन वितरण प्रणाली संचालित है, जबकि आधुनिक समय में सर्वर सेवाएँ 5-जी नेटवर्क तक पहुँच चुकी हैं। इसके बावजूद निम्नस्तरीय और जर्जर सर्वर प्रणाली के चलते पूरे प्रदेश में वितरण व्यवस्था प्रभावित है।
उन्होंने बताया कि कार्डधारक डिपो पर राशन का स्टॉक देखकर वितरण की मांग कर रहे हैं, जिससे कई बार विवाद और झगड़े की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। डिपो संचालकों को बेकार पड़े स्टॉक की देखरेख करनी पड़ रही है। बरसाती मौसम में स्टॉक खराब होने की संभावना बढ़ गई है। वहीं, अक्तूबर माह के लिए सरसों तेल की आपूर्ति डिपो पर आनी शुरू हो चुकी है, जिससे जगह और स्टॉक संभालने में अतिरिक्त परेशानी आ रही है।
सोढ़ी ने यह भी बताया कि एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री, खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री तथा विभागीय उच्चाधिकारियों को कई बार लिखित में ज्ञापन सौंपकर सर्वर प्रणाली में सुधार की मांग की है। विभाग ने आठ वर्ष पुरानी व्यवस्था में सुधार करते हुए 16 सितम्बर को चंडीगढ़ मुख्यालय में नई पोस (Point of Sale) मशीनों के लिए टेंडर आमंत्रित किया है। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दो-तीन महीनों में इस प्रणाली में तकनीकी सुधार कर इसे 5-जी नेटवर्क आधारित किया जाएगा।
फिलहाल सर्वर की खराब स्थिति के चलते न केवल राशन वितरण प्रभावित है, बल्कि कार्डधारक और डिपो होल्डर दोनों ही परेशान हैं। समय रहते समाधान न होने पर राशन वितरण प्रणाली और अधिक संकट में फँस सकती है।
सर्वर समस्या से तहस-नहस हुई सार्वजनिक वितरण प्रणाली, राशन नहीं बंटा- सोढ़ी
