चीफ विजिलेंस ऑफिसर ने पूर्व विधायक,नगर परिषद सचिव व पेट्रोल पम्प डीलर को नोटिस भेज कर 9-10 सितंबर को पंचकूला मे रिकॉर्ड सहित किया तलब
आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर की शिकायत को आधार बनाकर प्रदेश के चीफ विजिलेंस ऑफिसर रामेश्वर मेहरा ने नोटिस भेज कर समालखा के पूर्व कांग्रेस विधायक भरत सिंह छौक्कर,हिन्दोस्तान पेट्रोलियम के पेट्रोल पम्प के स्थानीय डीलर संतोष सरोहा,आनंद शर्मा को 10 सितंबर को तथा समालखा नगर परिषद सचिव,सीता राम कालोनी वासी संजय पानू को रिकॉर्ड,सबूतों सहित 9 सितंबर को पंचकूला तलब किया है। जाँच अधिकारी ने गत 1 सितंबर को नगर परिषद कार्यालय पहुंच शिकायत से जुड़े रिकॉर्ड को खंगाला व सीता राम कालोनी में मौके पर जा कर पूर्व विधायक की कोठी व पेट्रोल पम्प का मुआयना भी किया।
गौरतलब है कि आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर ने लोकायुक्त जस्टिस हरिपाल वर्मा को सबूतो सहित शिकायत भेजकर पूर्व विधायक भरत सिंह छौक्कर पर सीता राम कालोनी में सार्वजनिक गली पर अवैध कब्ज़ा करके कोठी व पेट्रोल पम्प बनाने के आरोप लगाए थे जिसकी अब जांच शुरु हुई है।कपूर ने शिकायत में आरोप लगाया था कि सीता राम कालोनी में जीटी रोड़ से जाने वाली 15 फुट चौड़ी सार्वजनिक गली पर अवैध कब्ज़ा करके पूर्व विधायक भरत सिंह छौक्कर ने वर्ष 2021 में पेट्रोल पम्प में शामिल कर लिया । इसी गली में आगे जाकर पूर्व विधायक के बेटे एवं जिला राजस्व अधिकारी राकेश ने भी अपनी कोठी के आगे बनी 13 फुट चौड़ी गली को कोठी में मिला लिया। इसी गली के निकासी पॉइंट पर बाकी बचे करीब 20 वर्गगज़ रकबे को इनके पड़ोसी आनंद शर्मा ने भी अवैध कब्ज़ा करके अपने मकान में शामिल कर लिया। इस तरह कुल करीब आठ करोड़ रुपये कीमत की कुल करीब 400 वर्ग गज़ रकबा में बनी सार्वजनिक गली को हड़प कर सीता राम कालोनी जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया। इसी पेट्रोल पम्प के आगे जीटी रोड़ की सर्विस रोड़ पर भी कब्ज़ा करके खोखा दुकान बनवा रखी है। जिससे आने जाने वालों को दिक्क़त उठानी पड़ रही है।
शिकायत में कपूर ने लोकायुक्त से गली सरे आम से इन अवैध कब्ज़ों को हटवा कर गली खुलवाने, पेट्रोल पम्प का नक्शा रद्द करने,अवैध कब्ज़ाधारियों के विरुद्ध कानूनी कारवाई कराने की मांग की है। उधर पीपी कपूर के आरोपो को बेबुनियाद व निराधार बताते हुए पूर्व विधायक भरत सिंह छौक्कर ने कहा कि पीपी कपूर पता नही किस आधार पर सार्वजनिक गली बता रहा है जबकि जीटी रोड से इस गली से सीताराम कालोनी की तरफ कोई निकासी नही है क्योकि उन्होने 1997 से 2007 तक गली के दोनो तरफ के सभी प्लाट खरीद लिए थे। यहा कोई सरकारी व सार्वजनिक गली नही है। अगर फिर भी पीपी कपूर कोर्ट मे सरकारी व सार्वजनिक गली साबित कर देगा तो वह कोई भी दंड भुगतने को तैयार है। भरत सिंह छौक्कर ने बताया कि कपूर के खिलाफ फर्जी नक्शा बनाने का कई संगीन धाराओ मे मुकदमा दर्ज है, जिसमे चालान पेश हो चुका है ओर कपूर जमानत पर है। वह विजिलेंस व लोकायुक्त कोर्ट मे पीपी कपूर के हर आरोप का सुबूत सही जवाब देंगे।
