गांधी मैमोरियल नेशनल कॉलेज, अम्बाला छावनी की राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा प्राचार्य डॉ. रोहित दत्त के मार्गदर्शन एवं एपैक्स एस.डी.जी. चैम्पियन – 2025 के सहयोग से पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से प्लास्टिक मुक्त भारत अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को प्लास्टिक के हानिकारक प्रभावों से अवगत कराना तथा इसके स्थान पर वैकल्पिक साधनों के उपयोग के लिए प्रेरित करना था। प्राचार्य डॉ. रोहित दत्त ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा एपैक्स एस.डी.जी. चैम्पियन – 2025 के सहयोग से चलाया गया यह अभियान सराहनीय है तथा आज के समय में इस विषय पर चर्चा करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होनें कहा कि आज प्लास्टिक प्रदूषण सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। ऐसे अभियानों से छात्र-छात्राओं और समाज में जागरूकता बढ़ेगी तथा आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण मिल सकेगा। राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. पिंकी गुप्ता एवं डॉ. चन्द्रपाल पूनिया ने बताया कि इस प्रकार के अभियान समाज को स्वच्छ और स्वस्थ रखने के लिए बेहद आवश्यक हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि सभी लोग मिलकर प्लास्टिक के उपयोग को रोकने का संकल्प लें तो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सकता है। राष्ट्रीय सेवा योजना की सलाहकार समिति के सदस्य राजिंदर मीरवाल ने बताया कि इस अभियान के दौरान स्वयंसेवकों ने पोस्टर, नारे और जनजागरूकता रैली के माध्यम से संदेश दिया कि एकल उपयोग प्लास्टिक हमारे पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के लिए घातक है। स्वयंसेवकों ने अपील की कि वे पॉलीथिन की जगह कपड़े या जूट के थैले अपनाएँ। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने शपथ भी ली कि वे स्वयं प्लास्टिक का उपयोग नहीं करेंगे और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करेंगे।
प्लास्टिक प्रदूषण सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक: डॉ. रोहित दत्त
