लोहारू। संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले नगर के उपमंडल लघु सचिवालय परिसर में गत 190 दिन से जारी किसानों के अनिश्चितकालीन महापड़ाव के दौरान बुधवार को किसानों को संबोधित करते हुए मा. रामकुमार ढिल्लों ने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार खेती, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का बजट साल दर साल कम करती जा रही है जिससे इन सेवाओं में सुधार की बजाय गिरावट आ रही है। ऐसे में जहां आमजन परेशान है तथा किसानों के फसल उत्पादन में भी निरंतर कमी आ रही उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 में किसानों की आय दोगुनी करने का दावा किया था जो खोखला साबित हो रहा है। सरकार की गलत नीतियों की वजह से आज किसान कर्ज के बोझ तले दबता जा रहा है तथा उसे अपनी फसल ओने पौने दामों पर बेचनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि अनाज की सरकारी खरीद बंद है। किसानों को खाद और बीज समय पर उपलब्ध नहीं करवाया जा रहा। शिक्षा विभाग की गलत नीति के कारण देशभर में लाखों स्कूल बंद कर दिए गए हैं, स्कूलों में शिक्षकों के लाखों पद रिक्त हैं। प्राइवेट शिक्षा संस्थानों का बोलबाला है और ये मनमाने ढंग से फीस बटोर कर अभिभावकों को चूना लगा रहे हैं। स्वास्थ्य सेवाओं पर निशाना साधते हुए किसान नेता ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों व दवाओं का अभाव है जिस कारण मजबूरन लोगों को उपचार के लिए निजी अस्पताल की लूट का शिकार होना पड़ रहा है। महापड़ाव की संयुक्त अध्यक्षता नरेंद्र श्योराण, महावीर पूनिया, राजे राम, हवा सिंह बलौदा व मान सिंह ने की। मंच संचालन सतबीर हरियावास, जय सिंह व सुरेंद्र राठी ने किया। इस दौरान महापड़ाव पर मा. जग रोशन, शेर सिंह, रोहतास, मेवा सिंह आर्य, आजाद भूंगला, विजय सिंह ओबरा, रणबीर, हरचंद नेहरा, मा. उमराव सिंह, प्रताप राव, सुरेश फरटिया, रामपाल सिंघानी, मीर सिंह, मंजीत, जय सिंह कस्वां, सूरजभान, अमर सिंह, राजेंद्र काजला, हरनारायण सहित अनेक किसान मौजूद रहे।