एस.एस. जैन सभा कालांवाली में गुरु जितेंद्र कैलाश दरबार में संवत्सरी पर्व बड़े उत्साह और भक्ति भावना से मनाया गया। यह आयोजन हरियाणा सिहनी एवं पंजाब वीरांगना महासाध्वी श्री सर्वज्ञ प्रभा जी महाराज साहब तथा महासाध्वी नमिता जी महाराज के सानिध्य में सम्पन्न हुआ। साध्वी श्री ने प्रवचन देते हुए कहा कि संवत्सरी पर्व आत्मशुद्धि, क्षमा और अहिंसा का संदेश देता है। यह केवल जैन समाज का ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता का पर्व है।
इस अवसर पर वरिष्ठ श्रावक मोहनलाल जैन ने जैन ध्वजा रोहन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में बच्चों ने भक्ति गीत प्रस्तुत किए, श्रावक पुनिया और सोमा सती पर आधारित लघु नाटिकाओं का मंचन हुआ तथा भजन सम्राट संजीव जैन व अन्य कलाकारों ने भजन पेश किए। समाज के गणमान्य व्यक्तियों के साथ महिला मंडल की सक्रिय भागीदारी भी रही।
श्रद्धालुओं ने मिच्छामि दुक्कड़म् कहते हुए एक-दूसरे से क्षमा याचना की और क्षमा पर्व की भावना को आत्मसात किया। कालांवाली का यह आयोजन भक्ति, संस्कृति और आध्यात्मिकता का अद्वितीय संगम बनकर सामने आया।
क्षमा का पर्व, आत्मशुद्धि का संकल्प है संवत्सरी पर्व: सर्वज्ञ प्रभा महाराज
