पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 2, अंबाला छावनी में जारी एक भारत श्रेष्ठ भारत एवं कला उत्सव की संभाग स्तरीय प्रतियोगिताएँ आज संगीतमयी रंग में आई। आज के दिवस की शुरूआत हुई वाद्य संगीत (मेलोडिक इंस्ट्रूमेंट ) एकल प्रस्तुति से, जिसमें विद्यार्थियों ने बांसुरी, सितार और वायलिन जैसे वाद्यों पर अपनी कला का अद्भुत प्रदर्शन किया। इसके बाद ताल वाद्य वादन में तबला, ढोलक और मृदंग की थाप ने वातावरण को ऊजार्वान बना दिया। गायन संगीत एकल श्रेणी में विद्यार्थियों ने अपनी मधुर आवाज से भारतीय शास्त्रीय और लोकधुनों को जीवंत कर दिया। वहीं समूह गायन प्रतियोगिता में चार-चार विद्यार्थियों के दलों ने एकता और देशभक्ति के गीत प्रस्तुत कर दर्शकों को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम का समापन वाद्य संगीत समूह वादन से हुआ, जहाँ विद्यार्थियों ने ताल और लय का ऐसा संगम प्रस्तुत किया कि पूरा सभागार तालियों से गूँज उठा। सम्मानित अतिथियों में पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 1 के प्राचार्य अजीत यादव  एवं केंद्रीय विद्यालय क्रमांक 4 के प्राचार्य अमन गुप्ता विशेष रूप से पधारे और विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। निर्णायक मंडल ने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों का आत्मविश्वास और उनकी साधना भारतीय कला की समृद्ध परंपरा का परिचायक है। विद्यालय के प्राचार्य हरिन्द्र सिंह लाम्बा ने कहा आज की प्रस्तुतियों ने यह सिद्ध कर दिया कि संगीत केवल कला नहीं, बल्कि आत्मा एवं आत्मानुशासन की भाषा है। यह बच्चों को अनुशासन, एकाग्रता और संवेदनशीलता सिखाता है। विद्यालय की स्नातकोत्तर शिक्षिका (भूगोल) बबिता ठाकरान ने बताया कि दो दिवसीय इस आयोजन में कुल 400 विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों को राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक बंधुत्व का संदेश लेकर लौटने का आह्वान किया गया।