जींद। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयबीर सिंह की अदालत ने खाना बनाने को लेकर हुई कहासुनी में साथी मजदूर की हत्या करने के जुर्म में दोषी को आजीवन कारावास तथा दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने की सूरत में दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार मूलत: गांव पड़ाना हाल श्योराण कालोनी निवासी सीताराम ने पुलिस को 22 अगस्त 2023 को दी शिकायत में बताया था कि लगभग एक माह पहले उसके पास रहने के लिए तीन प्रवासी मजदूर आए थे और उसके पुश्स्तैनी मकान को रहने के लिए मांगा तो उसने दे दिया। उन्ही मजदूरो में एक मजदूर सुरेंद्र उर्फ विशु का फोन आया कि जो बिहार निवासी मजदूर छोटू उनके पास तीन-चार दिन पहले आया था उसके मुंह से खुन निकल रहा था। मृतक का शव चारपाई पर पडा हुआ था। जुलाना थाना पुलिस ने सीताराम की शिकायत पर गांव बस्ती, जिला औरिया बिहार निवासी बिरेंद्र उर्फ वीरेंद्र के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस पूछताछ में सामने आया था कि दोनों की खाना बनाने को लेकर कहासुनी हो गई थी। जिस पर आरोपित ने उसकी हत्या कर नी। तभी से मामला अदालत में विचाराधीन था। मंगलवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयबीर सिंह की अदालत ने बीरेंद्र उर्फ वीरेंद्र को हत्या के जुर्म में आजीवन कारावास तथा दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार मूलत: गांव पड़ाना हाल श्योराण कालोनी निवासी सीताराम ने पुलिस को 22 अगस्त 2023 को दी शिकायत में बताया था कि लगभग एक माह पहले उसके पास रहने के लिए तीन प्रवासी मजदूर आए थे और उसके पुश्स्तैनी मकान को रहने के लिए मांगा तो उसने दे दिया। उन्ही मजदूरो में एक मजदूर सुरेंद्र उर्फ विशु का फोन आया कि जो बिहार निवासी मजदूर छोटू उनके पास तीन-चार दिन पहले आया था उसके मुंह से खुन निकल रहा था। मृतक का शव चारपाई पर पडा हुआ था। जुलाना थाना पुलिस ने सीताराम की शिकायत पर गांव बस्ती, जिला औरिया बिहार निवासी बिरेंद्र उर्फ वीरेंद्र के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस पूछताछ में सामने आया था कि दोनों की खाना बनाने को लेकर कहासुनी हो गई थी। जिस पर आरोपित ने उसकी हत्या कर नी। तभी से मामला अदालत में विचाराधीन था। मंगलवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयबीर सिंह की अदालत ने बीरेंद्र उर्फ वीरेंद्र को हत्या के जुर्म में आजीवन कारावास तथा दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
