जेसीडी शिक्षण महाविद्यालय में जल संरक्षण विषय पर एक प्रभावी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों को जल के महत्व एवं इसके संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वर्तमान समय में बढ़ती जल संकट की समस्या को समझाना तथा विद्यार्थियों को इसके समाधान के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जेसीडी विद्यापीठ के महानिदेशक डॉ. जयप्रकाश द्वारा किया गया। उन्होंने अपने संबोधन में जल संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जल जीवन का आधार है और इसके बिना जीवन की कल्पना संभव नहीं है। उन्होंने विद्यार्थियों को जल के प्रति संवेदनशील बनाने तथा दैनिक जीवन में पानी की बचत करने की आदत विकसित करने का संदेश दिया।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में रमेश गोयल ने विद्यार्थियों को जल संरक्षण के विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तेजी से बढ़ती जनसंख्या, औद्योगीकरण और जल के अंधाधुंध दोहन के कारण जल संकट एक गंभीर वैश्विक समस्या बन चुकी है। उन्होंने विद्यार्थियों को वर्षा जल संचयन, पानी के पुनः उपयोग और जल के विवेकपूर्ण उपयोग जैसे उपाय अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में अपनाए जा सकने वाले सरल उपायों के बारे में भी बताया गया, जैसे नलों को अनावश्यक रूप से खुला न छोड़ना, पानी का दुरुपयोग न करना तथा वर्षा जल संचयन को अपनाना।
कार्यक्रम में उपस्थित अन्य अध्यापकगण, जिनमें डॉ. रमेश कुमार, डॉ. सतनारायण, डॉ. सुष्मा रानी, डॉ. कंवलजीत, डॉ. निशा, डॉ. मदन, बलविंदर, प्रीति, मंगत एवं संदीप आदि ने भी विद्यार्थि को जल संरक्षण के प्रति जागरूक रहने और अपने स्तर पर योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
विद्यार्थियों ने इस कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया और जल संरक्षण से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित विद्यार्थियों एवं स्टाफ सदस्यों ने जल संरक्षण का संकल्प लिया और यह विश्वास व्यक्त किया कि वे अपने जीवन में पानी की बचत को प्राथमिकता देंगे। इस प्रकार यह कार्यक्रम न केवल ज्ञानवर्धक रहा, बल्कि विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में भी सहायक सिद्ध हुआ।