देश के बिना धर्म का अस्तित्व भी संभव नही- उपेन्द्र मुनि
समालखा जैन स्थानक मे रविवार को जालंधर मे तैनात बीएसएफ के इंस्पेक्टर किशन कुमार विंग कमांडर के नेतृत्व मे 40 सदस्यीय जवानो का दल पहुंचा। सभी ने एक एक कर जैन संत उपेन्द्र मुनि महाराज का आशिर्वाद लिया।
इस मौके पर मुनि उपेन्द्र महाराज ने देश को धर्म से उपर बताया। उनहोने कहा कि देश के बिना धर्म का अस्तित्व भी संभव नही है। आप लोग सीमाओ पर तैनात रहते हो तभी हम धर्म प्रचार कर पाते है। इस लिए आपकी इस वर्दी को देखकर हमारा सीना भी गर्व से चौडा हो जाता है। इस मौके पर आचार्य उपेन्द्र मुनि ने बीएसएफ के सभी जवानो को सम्मानित भी किया। इससे पहले जैन स्थानक मे धर्म प्रचार करते हुए उपेन्द्र मुनि ने कहा कि तप समाधि एक प्रकार का कठिन अभ्यास है, जिससे शारीरिक और मानसिक शुद्धता आती है, जबकि समाधि योग की वह अवस्था है जिसमें चित्त ध्येय वस्तु में पूर्णतः लीन हो जाता है। ये दोनों सिद्धियाँ (अलौकिक शक्तियाँ) प्राप्त करने के पाँच स्रोतों में से हैं, जो पतंजलि योगसूत्र के अनुसार जन्म, जड़ी-बूटियाँ, मंत्र, तप और समाधि हैं। तप का अर्थ है शारीरिक और मानसिक दृढ़ता या कठोर साधना का अभ्यास करना। शरीर और मन को शुद्ध करना तप का मुख्य उद्देश्य है, जिससे व्यक्ति आंतरिक शांति और शक्ति प्राप्त करता है। समाधि ध्यान की वह अवस्था है, जिसमें व्यक्ति का चित्त (मन) ध्येय वस्तु (लक्ष्य) में पूरी तरह से एकाग्र और लीन हो जाता है।
