नारायणगढ़। आत्मज्ञानी, ध्यानयोगी, युगप्रधान आचार्य सम्राट डॉ. श्री शिव मुनि जी म.सा. तथा उपाध्याय प्रवर, संघ-सेतु गुरुदेव श्री रवीन्द्र मुनि जी म.सा. के आज्ञानुवर्ती गुरु राम प्रेम सुख संत परिवार के मधुर वक्ता सेवा श्रमण श्री रचित मुनि जी म.सा., मधुर कंठी श्री तेजस मुनि जी म.सा. आदि ठाणा एवं साध्वी मधुर गायिका श्री पूर्णा जी महाराज आदि ठाणा का मंगलमय विराजमान अग्रवाल धर्मशाला, नारायणगढ़ में हुआ है। इन पावन संतों का शुभ आगमन श्री महावीर जैन प्राइमरी स्कूल, जैन स्थानक नारायणगढ़ में हुआ, जिससे समूचे क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण बन गया है। उनके सानिध्य में प्रतिदिन रात्रि 8 बजे से 9 बजे तक आध्यात्मिक सत्संग एवं प्रवचन का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें धर्म, साधना, आत्मजागरण और जीवन मूल्यों पर प्रेरणादायी प्रवचन सुनने का अवसर मिल रहा है। इस श्रृंखला के अंतर्गत 8 मार्च (रविवार) को प्रात: 9 बजे पंचमेष्ठी भगवान के नमस्कार महामंत्र जाप तथा विशेष प्रवचन का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में एडवोकेट दीप्ति बैंगानी ने जानकारी देते हुए बताया कि महाराज साहब के सानिध्य में सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालु अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर दर्शन, सेवा और प्रवचन का लाभ लें। उन्होंने कहा कि साधु-संतों का आगमन अपने आप में अत्यंत सौभाग्य की बात होती है। नारायणगढ़ की पावन धरा पर जैन मुनियों का आगमन बहुत कम होता है, लेकिन संतों की कृपा से इस बार नगरवासियों को उनके प्रावास का पावन सानिध्य प्राप्त हुआ है, जो पूरे क्षेत्र के लिए गर्व और सौभाग्य का विषय है। एस.एस. जैन सभा नारायणगढ़ ने सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं एवं मातृशक्ति से अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर संतों के श्रीमुख से धर्ममय वाणी का लाभ प्राप्त करें और अपने जीवन को आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित करें।