अंबाला। हरियाणा गौ सेवा आयोग के चेयरमैन श्रवण गर्ग ने कहा कि प्रदेश सरकार बेसहारा गौवंश के संरक्षण के लिए निरन्तरता में कार्य कर रही हैं। अनेकों योजनाएं क्रियान्वित करके इसके लिए कार्य भी किए जा रहे है। योजना के दृष्टिगत प्रति गोवंश बच्चे के लिए 10 रूपए, 20 रूपए गाय के लिए तथा 25 रूपए नन्दी के लिए प्रतिदिन गौशालाओं को देने का काम किया जा रहा हैं। इसके तहत 88 करोड़ 54 लाख रूपए की राशि चैक के माध्यम से गौशालाओं के प्रतिनिधियों को देने का काम किया जा रहा हैं। चेयरमैन श्रवण गर्ग सोमवार को लोक निर्माण विश्राम गृह अम्बाला शहर में गौशालाओं के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक ले रहें थे। इस मौके पर गौशालाओं के प्रतिनिधियों ने चेयरमैन को पुष्पगुच्छ देकर उनका अभिन्नदन भी किया। चेयरमैन श्रवण गर्ग ने इस मौके पर कहा कि गौवंश के संरक्षण के लिए अनेकों योजनाएं क्रियान्वित करके उसे धरातल पर लागू करने का काम किया गया हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा गौशालाओं के रखरखाव व अन्य व्यवस्थाओं के लिए जो भी राशि भेजी जा रही है वह शत प्रतिशत लगाई जा रही है तथा यह राशि सीधे खातों में स्थानांतरित की जाती हैं। इसके साथ-साथ गौशालाओं का जो बिजली बिल है व 2 रूपए पर यूनिट, गौशालाओं के लिए यदि कोई जमीन देता है या खरीदता है तो रजिस्ट्री पर किसी तरह का कोई खर्चा नही होता, सम्पत्ति कर नहीं लगता व सीएलयू लेने की जरूरत नहीं पड़ती । मनरेगा से गौशालाओं को जोड़ा गया है। लगभग 330 गौशालाओं में सोलर प्लांट लगाएं गए है तथा गोबर गैस प्लांट लगाने पर कार्य किया जा रहा हैं। गौशालाओं के लिए नस्ल सुधार व फसल सुधार के लिए जोर दिया जा रहा है तथा जैविक खाद को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया जा रहा हैं। गौ माता को सम्मान देने की दिशा में कार्य किए जा रहे है, कोई भी गौवंश कचरे के ढेर पर नहीं होगा। चेयरमैन श्रवण गर्ग ने इस मौके पर यह भी कहा कि हरियाणा देश का ऐसा पहला राज्य बने जहां पर कोई भी बेसहारा गौवंश सडक पर न हो, इसके लिए व्यापक व्यवस्था बनाकर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने 5 जिलों में गौशालाओं के प्रतिनिधियों के साथ बैठक लेकर सहमति भी ली हैं और गौशालाओं के प्रतिनिधियों को कहा गया है कि वे अपनी गौशालाओं की क्षमता के अनुसार गौवंश को लें और उसका बेहतर तरीके से रखरखाव करें। नई गौशालाओं को खोलने का काम भी किया जा रहा हैं। उन्होंने इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह भी बताया कि वर्ष 2014-15 में 215 गौशालाएं थी, लेकिन आज 694 गौशालाएं पंजीकृत हैं। पहले 1 लाख 75 हजार गौवंश होते थे जो अब 4 लाख से ऊपर हैं। मनुष्य को जिस प्रकार आश्रय की जरूरत होती है उसी प्रकार ज्यादा से ज्यादा बेसहारा गौवंश को आश्रय मिले इस दिशा में काम किया जा रहा हैं। उन्होंने कहा कि बेसहारा गौवंश को नन्दी शाला में पहुंचाने का काम किया जा रहा है और इस कार्य को करने के लिए सभी का सहयोग भी बेहद जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि 31 मार्च 2026 लक्ष्य रखा गया है कि प्रदेश में सडक पर कोई भी बेसहारा गौवंश न हो, इसलिए जिला वाईस बैठक लेकर सभी के सहयोग से कार्य किए जाएगें। चेयरमैन श्रवण गर्ग के समक्ष इस मौके पर गौशालाओं के प्रतिनिधियों ने अपनी कुछ मांगे व समस्याएं भी रखी। उन्होंने सभी को आश्वस्त किया कि उनकी सभी समस्याओं व मांगे का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा। कोई भी गौशाला प्रतिनिधि गौसेवा आयोग में आकर अपनी बात को रख सकता हैं। गौ सेवा आयोग के दरवाजे 24 घंटे खुले हैं। उन्होंने इस मौके पर यह भी कहा कि हम सभी को बेहतर समन्वय बनाकर बेसहारा गौवंश के संरक्षण के लिए कार्य करना है और यहीं बैठक को किए जाने का मुख्य उद्देश्य हैं। बैठक के उपरान्त गौसेवा आयोग के चेयरमैन श्रवण गर्ग ने खतौली में स्थापित गौशाला का अवलोकन भी किया और गौवंश के रखरखाव के लिए जो कार्य किए जा रहे है उनकी समीक्षा भी की। इस मौके पर गौशालाओं के प्रतिनिधि प्रमोद जैन, प्रवीण कपूर, जगदीप सिंह, मान सिंह, प्रभू दयाल शर्मा, दिलीप सिंह, मोनू चावला, सन्नी खुराना, पशुपालन विभाग के एसडीओ डॉ दलजीत सिंह, एसडीएओ डॉ सतिन्द्र सिंह, पशुपालन विभाग का स्टॉफगण व अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहें।
हरियाणा में बेसहारा गौवंश संरक्षण पर तेजी, गौ सेवा आयोग चेयरमैन श्रवण गर्ग बोले—2026 तक सड़कों पर नहीं दिखेगा कोई गौवंश
