नौकरी को पक्का करने व 30 हजार रू वेतन की मांग को लेकर हरियाणा ग्रामीण चौकीदार सभा (650 ) की जिला बैठक प्रधान बाबू राम की अध्यक्षता में श्री रविदास मंदिर शहजादपुर में हुई। इसमें निर्णय लिया गया कि 18 सितंबर को पंचायत मंत्री के मतलोडा (पानीपत) में होने वाले राज्य स्तरीय प्रदर्शन में जिला अम्बाला के चौकीदार बढ़चढ़ कर भाग लेंगे। प्रधान बाबू राम ने कहा कि ग्रामीण चौकीदारो की सेवाएं चतुर्थ श्रेणी के पद पर नियमित करने व तब तक न्यूनतम वेतन 30 हजार रू लागू करने की मांग सरकार से लम्बे समय से कर रहे है। इस बारे कई बार मुख्यमंत्री महोदय व पंचायत मंत्री को बातचीत के माध्यम से मांगो का समाधान करने के लिए ज्ञापन भी दिए गए है। परन्तु सरकार ने अभी तक यूनियन से कोई बैठक तक नहीं की है। लोकतंत्र में यह उचित नहीं है। इससे चौकीदारों में सरकार के प्रति भारी रोष है।   बैठक में मजदूर संगठन सीटू के सचिव सतीश सेठी ने कहा कि प्रदेश सरकार मजदूर वर्ग का खुद आर्थिक शोषण कर रही है। सरकार ने पिछले दस सालों से न्यूनतम वेतन रिवाइज को नहीं किया है।  कानून मुताबिक न्यूनतम वेतन हर पांच साल बाद रिवाइज होना चाहिए। परन्तु सरकार ने 2020 साल में होने वाले रिवीजन को नहीं किया। यदि सरकार ने समय पर रिवीजन किया होता तो आज प्रदेश का न्यूनतम वेतन दिल्ली प्रदेश के न्यूनतम वेतन 18066 रू से कंही ज्यादा होता। रिवीजन के न होने से  प्रदेश के मजदूर को मात्र 11258 रू वेतन मिल रहा है। यह मजदूर वर्ग की खुली लूट है। यही नहीं 2020 के बाद 2025 भी आ गया है। परन्तु वेतन अभी तक रिवाइज नहीं हुआ।  सेठी ने कहा कि न्यूनतम वेतन निर्धारण के लिए  बाकायदा सरकार द्वारा ही मापदंड निश्चित किए हुए है। इन अनुसार मजदूर के परिवार के लिए भोजन, कपड़े, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, पानी व बिजली पर आने वाला खर्च। इसके इलावा बुढ़ापे की सुरक्षा, सामाजिक दु:ख व सुख तथा मनोरंजन पर होने वाले खर्च शामिल है। इन सभी मदो पर आज की कीमतों के अनुसार पांच सदस्यों के एक परिवार के गुजर बसर के लिए 31843 रू महीना खर्च होता है।  सीटू ने इसका पूरा विवरण तैयार कर सरकार द्वारा गठित कमेटी में प्रस्तुत कर दिया है। इस अनुसार अकुशल मजदूर का न्यूनतम वेतन 30 हजार रू उनका हक बनता है। इसलिए सरकार का फर्ज है कि बिना किसी और देरी के वेतन रिवाइज कर चौकीदारों समेत सभी मजदूरों, परियोजना वर्कर्स व ग्रामीण तथा शहरी सफाई कर्मियों पर इसे लागू कर न्याय किया जाए।  बैठक में सीटू नेता शीतल राम, ग्रामीण चौकीदार सभा के राज्य नेता मनीश कुमार, सुखबीर सिंह प्रेम नगर, शमशेर सिंह, माम राज, सुखबीर नारायणगढ़ इत्यादि ने भी अपने विचार रखें।