हरियाणा सरकार ने रक्षाबंधन के पावन मौके पर राज्य की महिलाओं और 15 साल तक के बच्चों को एक बड़ा तोहफ़ा दिया है। अब 8 अगस्त दोपहर 12 बजे से लेकर 9 अगस्त की रात 12 बजे तक, महिलाएं और उनके साथ मौजूद 15 साल तक के बच्चे हरियाणा रोडवेज की साधारण (नॉन-एसी) बसों में बिना टिकट यात्रा कर सकेंगे। यह घोषणा सीधे तौर पर त्योहार की व्यस्तता को ध्यान में रखते हुए की गई है, जिससे बहनें अपने भाइयों से मिलने आसानी से और बिना खर्च के सफर कर सकें।

दो दिन की मुफ्त यात्रा, सीधा लाभ आम महिलाओं को

परिवहन मंत्री अनिल विज ने इस योजना की जानकारी देते हुए कहा कि इस बार रक्षाबंधन के लिए सरकार ने 36 घंटे की फ्री बस यात्रा की सुविधा दी है। यानी 8 अगस्त दोपहर से लेकर पूरे 9 अगस्त तक महिलाएं और उनके बच्चे राज्य के किसी भी कोने में, दिल्ली या चंडीगढ़ जैसे नज़दीकी शहरों तक भी, हरियाणा रोडवेज की साधारण बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगे। हालांकि, यह सुविधा एसी या वोल्वो बसों पर लागू नहीं होगी। इस योजना का उद्देश्य उन लाखों महिलाओं को सीधा लाभ देना है जो हर साल रक्षाबंधन पर अपने भाइयों के घर जाती हैं या परिवार के साथ त्योहार मनाती हैं।
बस अड्डा

त्योहार पर ज्यादा भीड़, रोडवेज तैयार

इस घोषणा के साथ ही परिवहन विभाग ने तैयारी के निर्देश भी जारी कर दिए हैं। भीड़ को संभालने के लिए अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी। सभी डिपो को निर्देश दिए गए हैं कि त्योहार वाले दिन स्टाफ की कोई छुट्टी न दी जाए। ड्राइवर और कंडक्टरों की ड्यूटी शिफ्ट के हिसाब से तय की जाएगी ताकि किसी भी रूट पर बसों की कमी न हो। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बसों की समय-सारणी को भी री-शेड्यूल किया जाएगा, ताकि यात्रियों को ज़्यादा इंतज़ार न करना पड़े। अनिल विज ने यह भी कहा है कि केवल सरकारी बसें ही नहीं, बल्कि प्राइवेट ऑपरेटरों की बस सेवाओं की भी समीक्षा की जाएगी। कुछ रूट्स पर प्राइवेट बसें मनमानी किराए वसूलती हैं या सीट उपलब्ध नहीं होती। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि त्योहार के दिन यात्रा में कोई असुविधा न हो, चाहे वह सरकारी बस से हो या निजी। इसके लिए अलग से टीम गठित की गई है जो सभी प्रमुख डिपो और बस अड्डा पर नज़र रखेगी।

सरकारी तोहफ़े से जुड़ेंगे रिश्तों के धागे

हरियाणा सरकार की यह पहल सिर्फ एक यात्रा सुविधा नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक और सामाजिक जुड़ाव का प्रतीक भी है। रक्षाबंधन, जहां बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र की कामना करती हैं, वहीं यह योजना यह दर्शाती है कि सरकार भी उस रिश्ते की अहमियत को समझती है। यह तोहफ़ा सिर्फ महिलाओं के लिए नहीं, बल्कि उस पूरे पारिवारिक माहौल के लिए है जो त्योहारों पर एक-दूसरे से जुड़ने की कोशिश करता है।