अंबाला। गांधी मेमोरियल नेशनल कॉलेज, अंबाला कैंट में मिशन ग्रीन एवं लीप के सहयोग से पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास विषय पर आयोजित सात दिवसीय कार्यशाला आज के दिन की गतिविधियाँ आज सफलतापूर्वक संपन्न हुईं। कार्यशाला के पहले सत्र में प्रख्यात पर्यावरणविद् शुभजीत मुखर्जी ने सहभागिता की, जिसमें प्रतिभागियों ने अत्यंत उत्साह एवं रुचि का परिचय दिया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य युवाओं को वर्मी-कम्पोस्टिंग, ठोस-तरल-प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन तथा वर्षा जल संचयन जैसे महत्वपूर्ण विषयों के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रात: 10:00 बजे महाविद्यालय के माननीय प्राचार्य डॉ. रोहित दत्त द्वारा किया गया। उन्होंने मुंबई से पधारे श्री शुभजीत मुखर्जी का हरियाली के प्रतीक स्वरूप एक पौधा भेंट कर उनका स्वागत किया। अपने स्वागत संबोधन में डॉ. दत्त ने इस कार्यशाला को महाविद्यालय के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति व्यावहारिक समझ एवं उत्तरदायित्व की भावना विकसित होती है। उन्होंने एनएसएस, एनसीसी, इको क्लब एवं वाईआरसी जैसे छात्र संगठनों की सक्रिय सहभागिता की सराहना करते हुए इसे विद्यार्थियों की पर्यावरणीय चेतना का प्रमाण बताया। इस अवसर पर पर्यावरणविद् शाहिन शर्मा ने भी कार्यशाला को संबोधित किया। उन्होंने महाविद्यालय की इस पर्यावरणीय पहल की भरपूर प्रशंसा करते हुए कहा कि विद्यार्थियों द्वारा स्वयं आगे बढ़कर जिम्मेदारी लेना अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने एनएसएस, एनसीसी, इको क्लब एवं वाईआरसी की भूमिका को विशेष रूप से उल्लेखनीय बताते हुए इसे अन्य शैक्षणिक संस्थानों के लिए प्रेरणास्रोत बताया। इसके उपरांत शुभजीत मुखर्जी ने अपने विशेषज्ञ व्याख्यान में वर्मी-कम्पोस्टिंग, ठोस-तरल-प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन, वर्षा जल संचयन तथा हरित एवं सतत विकास से जुड़े व्यावहारिक उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उनके सत्र ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के वैज्ञानिक एवं व्यवहारिक पक्षों से रूबरू कराया।
जीएमएन कॉलेज में सात दिवसीय पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास कार्यशाला का शुभारंभ
