स्थिति नियंत्रण में, ग्राम सचिव, पटवारी व अन्य कर्मचारी गांवों में दिन-रात रख रहे निगरानी

पंजाब प्रशासन के साथ भी लगातार संपर्क में जिला प्रशासन

एसडीएम कैप्टन प्रमेश सिंह ने कहा कि मंगलवार रात हुई वर्षा के बावजूद भी घग्घर का जल स्तर खतरे के निशान से नीचे बना हुआ है। टटियाणा घग्गर नदी में दोपहर तक जलस्तर 22.5 फुट रहा है। स्थिति नियंत्रण में है। ग्राम सचिव, पटवारी व अन्य कर्मचारी गांवों में दिन-रात स्थिति की निगरानी रखे हुए हैं। उन्होंने आमजन से अपील है कि ग्राम वासी घबनाएं ना, प्रशासन आपके साथ खड़ा है। बढ़ते जलस्तर के मद्देनजर प्रशासन द्वारा आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। आमजन प्रशासन का पूर्ण सहयोग करें, ताकि किसी भी व्यक्ति को कोई भी परेशानी न हो।
उन्होंने कहा कि डीसी प्रीति के निर्देशानुसार पंजाब प्रशासन में एसडीएम देवीगढ़ से बातचीत की गई थी, जिसमें जलाह खेड़ी गांव में 15 फीट चौड़ा निजी स्तर पर बांध बनाया हुआ था। इसकी वजह से हरियाणा के सिहाली और आसपास के गांवों में चिंता का विषय बना हुआ था। बातचीत के बात सामने आई कि यह बांध सरकार द्वारा नहीं, अपितू  लोगों के द्वारा स्वयं बनाया गया था। प्रशासन इस मामले पर नजदीक से नजर बनाए हुए है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने इन क्षेत्रों का दौरा कर लिया है।
एसडीएम ने सिंचाई विभाग द्वारा दी गई जानकारी अनुसार बताया कि गुहला में 32 ऐसे गांव हैं, जहां पर प्रशासन द्वारा पूर्णत: निगरानी की जा रही है। 2023 में आई बाढ़ के दृष्टिगत तीन हजार फुट घग्गर के तटबंध पर स्टोन पीचिंग कर मजबूतीकरण का कार्य किया गया था। इसकी वजह से स्थिति सामान्य बनी हुई है। यदि कहीं तटबंध कमजोर की जानकारी प्राप्त होगी तो विभाग द्वारा 4 पॉपलेन, 4 जेसीबी, 4 ट्रैक्टर-ट्राली, 100 लेबर तथा 5 पंप सैट की व्यवस्था की गई है। आपात स्थिति से निपटने के लिए खाली कट्टों तथा मिट्टी से भरे कट्टों की व्यवस्था की गई है। जिस भी गांव में मिट्टी से भरे कट्टों की मांग आती है, तुरंत वहां विभाग द्वारा पहुंचाया जा रहा है। इसके अलावा खंड विकास एवं पंचायत विभाग द्वारा निरंतर सरपंचों की बैठक लेकर संबंधित गांवों में आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं।
एसडीएम ने आमजन से भी आह्वान किया कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें। प्रशासनिक जानकारी पर ही विश्वास करें। निरंतर प्रशासन का सहयोग करते रहें, ताकि इस किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके। फिलहाल स्थिति सामान्य है और हमें डरने की आवश्यकता नहीं हैं।