नगरपरिषद फतेहाबाद के अधिकारियों की अनदेखी के कारण 70 से अधिक सफाई कर्मचारियों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। सफाई ठेके को एक्सटेंड न किए जाने के चलते ठेकेदार के अधीन काम करने वाले इन कर्मचारियों को अब काम से हटा दिया गया है। इससे खफा सफाई कर्मचारियों ने शुक्रवार को नगरपालिका कर्मचारी संघ के बैनर तले आंदोलन शुरू कर दिया है। सफाई कर्मचारी आज नगरपरिषद प्रांगण में धरने पर बैठे और सरकार व नगरपरिषद प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। नगरपालिका कर्मचारी संघ ने हटाए गए सभी कर्मचारियों को जल्द काम पर लेने की मांग की है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही इसको लेकर सकारात्मक कदम नहीं उठाया तो कर्मचारी आंदोलन को तेज कर देंगे। 70 से अधिक सफाई कर्मचारियों को हटाए जाने के बाद शहर में सफाई व्यवस्था भी चरमरा गई है।
नगरपरिषद प्रांगण में धरने पर बैठे कर्मचारी सन्नी आदिवाल, सुनील पुआल, नरेन्द्र कुमार, बलजीत सिंह, अमित घोघलिया, रीना रत्ति, गंगा देवी आदि ने कहा कि नगरपरिषद द्वारा सनराइज कम्पनी को शहर में सफाई का ठेका दिया गया था। ठेकेदार द्वारा 70 से अधिक कर्मचारियों को शहर में सफाई के काम में लगाया गया था लेकिन अब कम्पनी का ठेका खत्म हो गया है। नगरपरिषद द्वारा ठेके को एक्सटेंड किया जाना था लेकिन अधिकारियों की अनदेखी के चलते अभी तक ठेका अवधि को नहीं बढ़ाया गया है, जिस कारण ठेकेदार के अधीन काम कर रहे 70 कर्मचारियों को काम से हटा दिया गया है। कर्मचारियों ने कहा कि काम से हटाने के चलते उनके परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। नगरपालिका कर्मचारी संघ ने मांग की है कि नगरपरिषद प्रशासन जल्द सफाई ठेके को आगे बढ़ाए और हटाए गए सभी कर्मचारियों को काम पर लिया जाए। यदि ठेका नहीं बढ़ाया जाता तो इन कर्मचारियों को नगरपरिषद अपने स्तर पर काम दें ताकि इन कर्मचारियों को राहत मिल सके।
नगरपरिषद प्रांगण में धरने पर बैठे कर्मचारी सन्नी आदिवाल, सुनील पुआल, नरेन्द्र कुमार, बलजीत सिंह, अमित घोघलिया, रीना रत्ति, गंगा देवी आदि ने कहा कि नगरपरिषद द्वारा सनराइज कम्पनी को शहर में सफाई का ठेका दिया गया था। ठेकेदार द्वारा 70 से अधिक कर्मचारियों को शहर में सफाई के काम में लगाया गया था लेकिन अब कम्पनी का ठेका खत्म हो गया है। नगरपरिषद द्वारा ठेके को एक्सटेंड किया जाना था लेकिन अधिकारियों की अनदेखी के चलते अभी तक ठेका अवधि को नहीं बढ़ाया गया है, जिस कारण ठेकेदार के अधीन काम कर रहे 70 कर्मचारियों को काम से हटा दिया गया है। कर्मचारियों ने कहा कि काम से हटाने के चलते उनके परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। नगरपालिका कर्मचारी संघ ने मांग की है कि नगरपरिषद प्रशासन जल्द सफाई ठेके को आगे बढ़ाए और हटाए गए सभी कर्मचारियों को काम पर लिया जाए। यदि ठेका नहीं बढ़ाया जाता तो इन कर्मचारियों को नगरपरिषद अपने स्तर पर काम दें ताकि इन कर्मचारियों को राहत मिल सके।
