पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने कहा कि हरियाणा पुलिस का लक्ष्य केवल अपराधियों को पकड़ना ही नहीं, बल्कि समाज को नशे की जंजीरों से पूरी तरह मुक्त कराना है। उन्होंने कहा कि ‘नशा मुक्त हरियाणा’ हमारे लिए एक कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी है। गांवो और वार्डो को नशामुक्त बनाना इस बात का प्रमाण है कि जब प्रशासन, पुलिस और समाज मिलकर काम करें तो बदलाव संभव है। कठोर कानून प्रवर्तन, तस्करों की अवैध संपत्ति पर आर्थिक प्रहार और समुदाय की भागीदारी के परिणामस्वरूप हरियाणा पूरे देश के लिए एक मॉडल के रूप में उभर रहा है। डीजीपी ने विश्वास जताया कि हरियाणा सरकार के संकल्प और पुलिस-प्रशासन की प्रतिबद्धता के साथ समाज की सक्रिय साझेदारी हरियाणा को जल्द ही एक नशामुक्त, सुरक्षित और स्वस्थ हरियाणा का सपना साकार करने में सफल बनाएगी।
नशा मुक्त गांव और वार्ड
  जनवरी से जुलाई 2025 में हरियाणा के 7354 गांवों में से 4233 गांवों को नशा मुक्त घोषित किया जा चुका है। इसी प्रकार 1956 शहरी वार्डों में से 910 वार्ड अब नशा मुक्त की श्रेणी में आ गए हैं। यह केवल एक उपलब्धि नहीं है बल्कि ग्रामीण और शहरी स्तर पर सामाजिक जीवन की दिशा बदलने का प्रयास है। कुरुक्षेत्र जिले ने 410 गांवों को नशा मुक्त कर राज्य में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है, वहीं नूंह में 310 गांव और कैथल में 232 गांव इस सूची में शामिल हुए।