अंबाला। जिला शिक्षा अधिकारी सुधीर कालड़ा ने आज जटवाड़ गांव में स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय एवं राजकीय प्राथमिक पाठशाला का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्राथमिक पाठशाला में निपुण हरियाणा मिशन के अंतर्गत प्राइमरी कक्षाओं के विद्यार्थियों द्वारा अर्जित शैक्षणिक दक्षताओं की जांच की तथा अध्यापकों के प्रयासों की सराहना की। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में जिला शिक्षा अधिकारी ने राष्ट्रीय गणित दिवस के अवसर पर आयोजित विभिन्न गतिविधियों का जायजा लिया। इस अवसर पर उन्होंने महान गणितज्ञ रामानुजन के जीवन एवं गणित के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को गणित विषय के प्रति रुचि विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि गणित केवल एक विषय नहीं, बल्कि जीवन की समस्याओं का समाधान खोजने की कुंजी है। इसी दौरान ग्राम पंचायत के सहयोग से विद्यालय परिसर में नवनिर्मित प्रार्थना शेड का विधिवत उद्घाटन भी जिला शिक्षा अधिकारी के करकमलों से किया गया। विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ. नीलम शर्मा ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। अपने संबोधन में सुधीर कालड़ा ने कहा कि विद्यार्थियों के पास अपने जीवन को श्रेष्ठता की ओर ले जाने के अनेक अवसर होते हैं और उन्हें शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को विकसित भारत 2047 के लक्ष्य से जोड़ते हुए स्वच्छता, अच्छी शिक्षा, निरक्षर व्यक्तियों को पढ़ाने, प्लास्टिक मुक्त वातावरण अपनाने तथा स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। जिला शिक्षा अधिकारी ने विद्यालय में शेड निर्माण के लिए ग्राम पंचायत का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया और गांव के सरपंच वीरेंद्र सिंह सोनी को प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर राज्य स्तरीय रेड क्रॉस कैंप की लिखित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली छात्रा नंदिनी तथा बेस्ट कोआॅर्डिनेटर आॅफ जूनियर रेडक्रास चुनी गई कनिका को भी प्रशंसा पत्र प्रदान किए गए। उल्लास कार्यक्रम के अंतर्गत गांव के निरक्षरों को साक्षर बनाने में योगदान करने पर जिला शिक्षा अधिकारी सुधीर कालड़ा ने विद्यालय की तीन छात्राओं संजना, रितिका और कनिका के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कर्मठ अध्यापक श्री गुरजंट सिंह एवं एबीआरसी शैली अग्रवाल को भी उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया। जिला शिक्षा अधिकारी ने विद्यालय की उपलब्धियों, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर एवं अभिलेखों के सुव्यवस्थित रख-रखाव के लिए प्रधानाचार्य डॉ. नीलम शर्मा की प्रशंसा की। अंत में प्रधानाचार्य ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए उन्हें पौधा भेंट कर आभार व्यक्त किया। मंच संचालन पीजीटी संस्कृत मुकेश द्वारा किया गया, जबकि विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देकर समारोह को यादगार बना दिया।
गणित जीवन की समस्याओं का समाधान खोजने की कुंजी है: डीईओ सुधीर कालड़ा
