डीएवी पब्लिक स्कूल, अंबाला सिटी में सीबीएसई सेंटर आॅफ एक्सीलेंस, पंचकूला के तत्वावधान में मूल्य शिक्षा विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर अंबाला और आसपास के विभिन्न विद्यालयों से आए 53 शिक्षकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और इसे आत्म विकास व पेशेवर उन्नति का सुनहरा अवसर बताया। संगोष्ठी का संचालन बेहद जीवंत और संवादात्मक रहा। संसाधन व्यक्तियों ने पारंपरिक व्याख्यान पद्धति से हटकर शिक्षकों को गतिविधियों के माध्यम से जोड़ा। कहानी कथन, रोल प्ले, समूह चर्चा, प्रश्नोत्तर सत्र और अनुभव साझाकरण जैसी गतिविधियों ने शिक्षकों को न केवल सोचने पर मजबूर किया बल्कि उन्हें कक्षा में अपनाए जा सकने वाले व्यावहारिक उपाय भी दिए। इन गतिविधियों ने यह स्पष्ट किया कि यदि शिक्षा में मूल्यों को रोचक तरीके से प्रस्तुत किया जाए तो विद्यार्थी उन्हें सहज ही आत्मसात कर सकते हैं। मुख्य संसाधन व्यक्ति सुश्री ईशा आनंद (एम.ए. इंग्लिश, एम.ए. टीईएसओएल झ्र यूनिवर्सिटी आॅफ लीड्स, ब्रिटेन) ने अपने समृद्ध अनुभव और अंतर्राष्ट्रीय परियोजनाओं में योगदान की झलक साझा करते हुए बताया कि शिक्षक ही वह माध्यम हैं जो आने वाली पीढ़ी को न केवल शिक्षित बल्कि संस्कारित भी कर सकते हैं। उन्होंने कई उदाहरणों और गतिविधियों के जरिए दिखाया कि किस प्रकार दैनिक शिक्षण प्रक्रिया में मूल्यों को सहज रूप से जोड़ा जा सकता है। दूसरे संसाधन व्यक्ति सीए एस.के. खन्ना, वर्तमान में हेडमास्टर, एसडी विद्या स्कूल, अंबाला छावनी, ने अपने तीन दशक से अधिक के अनुभव को साझा किया। उन्होंने कहा कि आज शिक्षा केवल परीक्षा पास करने या करियर बनाने का साधन नहीं है, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने का माध्यम भी है। उन्होंने शिक्षकों को यह संदेश दिया कि यदि हम विद्यार्थियों को मूल्य आधारित शिक्षा देंगे तो वे न केवल अच्छे पेशेवर बनेंगे बल्कि जिम्मेदार नागरिक भी बनेंगे। विद्यालय के प्राचार्य डॉ. राधारमण सूरी ने संगोष्ठी को ऐतिहासिक बताते हुए कहा नई शिक्षा नीति 2020 हमें केवल ज्ञान ही नहीं बल्कि बच्चों में जीवन मूल्यों और संस्कारों को भी विकसित करने की प्रेरणा देती है। शिक्षक इस परिवर्तन के मूल में हैं, और ऐसी संगोष्ठियाँ उन्हें नई ऊर्जा और दिशा प्रदान करती हैं। प्रतिभागियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। एक शिक्षक ने कहा कि यह संगोष्ठी हमारे लिए नई ऊर्जा और सोच लेकर आई। यहाँ सीखी गई गतिविधियाँ निश्चित ही हमारी कक्षाओं को और जीवंत बना देंगी। अंत में, कार्यक्रम की प्रभारी भारती ने सभी संसाधन व्यक्तियों और सीबीएसई सेंटर आॅफ एक्सीलेंस, पंचकूला के प्रति हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन ही शिक्षा को सार्थक और पूर्ण बनाते हैं। संपूर्ण संगोष्ठी न केवल शिक्षकों के लिए एक शैक्षिक अनुभव रही, बल्कि आत्ममंथन और मूल्य समृद्ध शिक्षा की दिशा में एक सार्थक कदम साबित हुई।
डीएवी पब्लिक स्कूल में सीबीएसई सेंटर आॅफ एक्सीलेंस पंचकूला के तत्वावधान में मूल्य शिक्षा विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया
