डबवाली की अनाज मंडी में विगत दिवस आयोजित भव्य मेगा किसान मेला किसानों के लिए ज्ञान, तकनीक और नई संभावनाओं का ऐतिहासिक संगम साबित हुआ। इस आयोजन ने डबवाली को कृषि क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाई और यह सिद्ध किया कि जब किसान, वैज्ञानिक और जनप्रतिनिधि एक मंच पर आते हैं तो सकारात्मक बदलाव निश्चित होता है। मेले के दौरान 1290 किसानों का पंजीकरण हुआ, जिसके बाद ये किसान सीधे चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय से जुड़ गए हैं। अब किसानों को मौसम, उन्नत बीज, फसल सुरक्षा, स्प्रे, नई कृषि तकनीकों एवं अन्य कृषि संबंधी जानकारियाँ सीधे और समय पर प्राप्त होंगी।
आयोजकों ने बताया कि भविष्य में विश्वविद्यालय द्वारा विकसित किए जाने वाले नए व उन्नत बीजों का लाभ भी प्राथमिकता के आधार पर इसी क्षेत्र के किसानों को मिलेगा, जिससे कम लागत में अधिक उत्पादन और किसानों की आय में वृद्धि संभव होगी। इस ऐतिहासिक अवसर की गरिमा उस समय और बढ़ गई जब हाल ही में किसान रत्न पुरस्कार से सम्मानित हुए किसान आशीष मेहता को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि यह डबवाली के लिए अत्यंत गर्व का क्षण है कि एक ओर डबवाली के किसान पुत्र को प्रदेश के सर्वोच्च कृषि सम्मान किसान रत्न से नवाजा गया और दूसरी ओर उसी डबवाली की धरती पर इतने बड़े स्तर पर किसान मेले का सफल आयोजन हुआ। यह आयोजन डबवाली के कृषि इतिहास में मील का पत्थर साबित हुआ है और कहा जा सकता है कि इतिहास रच दिया गया है।
मेले में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे चौ. चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय के उप कुलपति प्रो. बलदेव राज कम्बोज ने किसान मेले के सफल आयोजन की मुक्त कंठ से प्रशंसा की और कहा कि इस प्रकार के आयोजन विश्वविद्यालय और किसानों के बीच सेतु का कार्य करते हैं, जिससे शोध और तकनीक सीधे खेतों तक पहुँचती है।
वहीं, अपने संबोधन में विधायक आदित्य देवीलाल ने कहा कि देश और प्रदेश उत्पादन के मामले में अग्रणी हैं, इसके बावजूद भारतीय किसान आज भी अपने अस्तित्व और आजीविका के लिए कड़ा संघर्ष कर रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि को वास्तव में लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए अब प्रोसेसिंग, मूल्य संवर्धन और प्रभावी मार्केटिंग पर विशेष ध्यान देना होगा। साथ ही उन्होंने जोर दिया कि सरकारी नीतियाँ बनाते समय किसानों के हितों को केंद्र में रखा जाना चाहिए, तभी कृषि क्षेत्र में स्थायी बदलाव संभव है।
मेले के आयोजक लायंस क्लब सुप्रीम व मुल्तान सभा के प्रधान आशीष मेहता ने अपने संबोधन में कहा कि यह सम्मान वह हर उस किसान को समर्पित करते हैं जो वैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर खेती में निरंतर नवाचार कर रहा है, कम लागत में अधिक उपज प्राप्त करने का प्रयास कर रहा है तथा मिट्टी की सेहत को सुधारने के लिए सतत उपाय अपना रहा है। उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक खेती अपनाने का आह्वान किया।
मेले के आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले अजनिश धारणिया एवं गुरदीप कामरा ने संयुक्त रूप से कहा कि मेले में पंजीकृत सभी किसानों को निश्चित रूप से चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार से पूर्ण मार्गदर्शन और तकनीकी सहयोग प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि पंजीकृत किसान विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों से सीधे जुड़कर फसल प्रबंधन, उन्नत बीज, नई तकनीक, रोग नियंत्रण और आधुनिक कृषि पद्धतियों पर निरंतर सलाह ले सकेंगे। इससे किसानों को सही समय पर सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी और उनकी खेती अधिक लाभकारी बनेगी।
कुल मिलाकर, यह मेगा किसान मेला न केवल किसानों के लिए जानकारी और प्रेरणा का केंद्र बना, बल्कि डबवाली के लिए गौरव, पहचान और इतिहास रचने वाला आयोजन सिद्ध हुआ। यह मेला किसानों को आधुनिक, वैज्ञानिक और व्यावसायिक खेती की ओर अग्रसर करने की दिशा में एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी पहल के रूप में याद किया जाएगा।