जींद। किसान छात्र एकता संगठन हरियाणा ने मंगलवार को चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में कुलपति प्रो. रणपाल को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से
अकादमिक कैलेंडर के अनुसार कक्षाएं विधिवत रूप से शुरू करवाने की मांग की गई। वीसी ने छात्र संगठन पदाधिकारियों को कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
किसान छात्र एकता संगठन हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष सुमित लाठर ने बताया कि विश्वविद्यालय के अकादमिक कैलेंडर के अनुसार कक्षाएं विधिवत रूप से प्रारंभ हो चुकी हैं लेकिन इसके बावजूद जब छात्र नियमित रूप से पढ़ाई करने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय पहुंचते हैं तो उन्हें कक्षाओं के बाहर ताले लगे हुए मिलते हैं। इस स्थिति के कारण विद्यार्थियों को मानसिक तनाव, आर्थिक नुकसान और शैक्षणिक पिछड़ापन झेलना पड़ रहा है। छात्र ठंड के मौसम में किराया खर्च कर दूरदराज के गांवों और शहरों से विश्वविद्यालय आते हैं। परंतु कक्षाएं न लगने से उनका समय और मेहनत व्यर्थ चली जाती है। छात्र नेता नवरत्न माथुर ने बताया कि आंतरिक मूल्यांकन के अंकों को लेकर छात्रों पर निरंतर दबाव बनाया जाता है, उपस्थिति और असाइनमेंट के नाम पर नियमों की सख्ती दिखाई जाती है लेकिन जब शिक्षण कार्य और कक्षा संचालन की जिम्मेदारी निभाने की बारी आती है तो संबंधित विभागों एवं अधिकारियों की ओर से घोर लापरवाही देखने को मिलती है। किसान छात्र एकता संगठन हरियाणा ने कुलपति से मांग की कि विश्वविद्यालय में सभी विभागों की कक्षाएं तुरंत और नियमित रूप से संचालित करवाई जाएं। कक्षा बंद रखने वाले जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में किसी भी छात्र को इस प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े ताकि विद्यार्थियों का शैक्षणिक भविष्य सुरक्षित रह सके। इस मौके पर उपाध्यक्ष अभिषेक जुलाना दिनेश अमन इत्यादि मौजूद रहे।
अकादमिक कैलेंडर के अनुसार कक्षाएं विधिवत रूप से शुरू करवाने की मांग की गई। वीसी ने छात्र संगठन पदाधिकारियों को कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
किसान छात्र एकता संगठन हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष सुमित लाठर ने बताया कि विश्वविद्यालय के अकादमिक कैलेंडर के अनुसार कक्षाएं विधिवत रूप से प्रारंभ हो चुकी हैं लेकिन इसके बावजूद जब छात्र नियमित रूप से पढ़ाई करने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय पहुंचते हैं तो उन्हें कक्षाओं के बाहर ताले लगे हुए मिलते हैं। इस स्थिति के कारण विद्यार्थियों को मानसिक तनाव, आर्थिक नुकसान और शैक्षणिक पिछड़ापन झेलना पड़ रहा है। छात्र ठंड के मौसम में किराया खर्च कर दूरदराज के गांवों और शहरों से विश्वविद्यालय आते हैं। परंतु कक्षाएं न लगने से उनका समय और मेहनत व्यर्थ चली जाती है। छात्र नेता नवरत्न माथुर ने बताया कि आंतरिक मूल्यांकन के अंकों को लेकर छात्रों पर निरंतर दबाव बनाया जाता है, उपस्थिति और असाइनमेंट के नाम पर नियमों की सख्ती दिखाई जाती है लेकिन जब शिक्षण कार्य और कक्षा संचालन की जिम्मेदारी निभाने की बारी आती है तो संबंधित विभागों एवं अधिकारियों की ओर से घोर लापरवाही देखने को मिलती है। किसान छात्र एकता संगठन हरियाणा ने कुलपति से मांग की कि विश्वविद्यालय में सभी विभागों की कक्षाएं तुरंत और नियमित रूप से संचालित करवाई जाएं। कक्षा बंद रखने वाले जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में किसी भी छात्र को इस प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े ताकि विद्यार्थियों का शैक्षणिक भविष्य सुरक्षित रह सके। इस मौके पर उपाध्यक्ष अभिषेक जुलाना दिनेश अमन इत्यादि मौजूद रहे।
