कहा, संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करना कांग्रेस की संस्कृति

राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी ने पलटवार किया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंडित मोहन लाल बड़ौली ने कहा कि झूठे आरोप लगाना और फिर भाग जाना राहुल गांधी की आदत बन गई है। घुसपैठियों और शहरी नक्सलियों को बचाने के लिए ही राहुल गांधी झूठे और निराधार आरोप लगा रहे हैं। बड़ौली ने कहा कि अब तो राहुल गांधी ने कबूल कर लिया है कि उनका काम लोकतंत्र को बचाना नहीं है, बल्कि भाजपा का विरोध करना है।

राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए बड़ौली ने कहा कि मनगढ़ंत झूठ फैलाने और दुष्प्रचार करने में राहुल गांधी माहिर है। राहुल गांधी की मंशा ने साफ जाहिर कर दिया है कि कांग्रेस पार्टी घुसपैठियों व अर्बन नक्सल्स को बचाने की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि राहुल गाँधी ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाया, जबकि राहुल गांधी के पास कोई सबूत नहीं है, अगर सबूत होता तो वह चुनाव आयोग में शपथ पत्र देते। बडौली ने कहा कि राहुल गांधी का एजेंडा संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करके अपने वोट बैंक की रक्षा करना है।

बड़ौली ने कहा कि किसी भी वोट को किसी भी व्यक्ति द्वारा ऑनलाइन हटाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि  राहुल गांधी की पूरी पीपीटी त्रुटियों, तार्किक तर्कों और मूर्खतापूर्ण धारणाओं से भरी है। यह अपनी विफलताओं को छिपाने और देश में अराजकता पैदा करने के अलावा कुछ नहीं है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने राहुल गांधी के उस दावे को गलत बताया है जिसमें राहुल गांधी ने कहा है कि बबीता चौधरी, सोनकांतले काशीनाथ और अशोक माणिक राव के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। इन तीनों मतदाताओं के नाम अभी भी चुनाव आयोग के रिकॉर्ड में वैध हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने अपने निजी संवाददाता सम्मेलन में इस्माइली, अल्लावुद्दीन (दोस्तागिर के पुत्र), अजमेर, नाज़िर, उस्मान और अल्लावुद्दीन (मुक्तुम के पुत्र) आदि 12 नाम गिनाए और दावा किया कि इनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। बड़ौली ने कहा कि यह जहरीली और खतरनाक भड़काऊ बयानबाज़ी है, जिसका मकसद भारत में अराजकता और हाहाकार फैलाना है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि चुनाव आयोग ने राहुल गांधी को स्पष्ट कहा है कि सबूत के साथ शपथ पत्र दाखिल करें या माफी मांगें। समय सीमा बीत चुकी है लेकिन राहुल गांधी ने इनमें से कुछ भी नहीं किया है। उन्होंने कहा कि राहुल टीवी पर नाटक चाहते हैं, कानून के माध्यम से न्याय नहीं चाहते।

मोहन लाल बड़ौली ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि कांग्रेस घुसपैठियों को संरक्षण देती है। राहुल के बयानों ने इसे फिर साबित कर दिया है। राहुल ने दावा किया कि कर्नाटक के अलंद में वोट डिलीट कर दिए गए, लेकिन अलंद के मौजूदा विधायक कांग्रेस के ही बीआर पाटिल है। बड़ौली ने सवाल करते हुए कहा कि तो क्या राहुल कह रहे हैं कि उनके विधायक वोट चोरी से जीते हैं? इससे राहुल की शून्य राजनीतिक समझ का पता चलता है।

बड़ौली ने कहा कि कांग्रेस की मंशा लोकतंत्र को अवैध ठहराना, अराजकता पैदा करना है। राहुल की भाषा और रणनीति शहरी नक्सलियों जैसी ही है। श्री बड़ौली ने आरोप लगाते हुए कहा कि राहुल गांधी भारत में नेपाल-बांग्लादेश जैसी अराजकता लाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। श्री बड़ौली ने कहा कि राहुल गांधी भारतीय मतदाताओं के लिए नहीं लड़ रहे हैं, वे घुसपैठियों के वोट बैंक के लिए लड़ रहे हैं।

बड़ौली ने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र से खेल रही है, भाजपा उसकी रक्षा कर रही है। कांग्रेस के नेता विभाजन को बढ़ाने के लिए हर मुद्दे में दलित, ओबीसी, आदिवासी का नाम घसीटते हैं। लेकिन वह ईमानदार मतदाताओं के अधिकार खोने के बारे में बात करने से बचते हैं, क्योंकि उनकी प्राथमिकता ध्रुवीकरण और घुसपैठिए हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस अराजकता की राजनीति कर रही है। राहुल गांधी कोई हलफनामा नहीं, कोई सबूत नहीं केवल आरोप लगाने का काम करते हैं। कांग्रेस का मकसद लोकतंत्र में विश्वास को तोड़ना, अशांति पैदा करना, भारत को अस्थिर करना है।

बड़ौली ने कहा कि भाजपा का रुख स्पष्ट है। भाजपा लोकतंत्र की रक्षा करती है, जबकि कांग्रेस घुसपैठियों की रक्षा करती है। उन्होंने कहा कि भारत का लोकतंत्र सुरक्षित है। बस कुछ नाकाम लोग अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए अराजकता फैलाकर इसे खतरे में डालना चाहते हैं।